रायसेन जिले के दीवानगंज निवासी मोहम्मद फैजान को जनवरी 2026 में ओमान में मस्जिद में इमामत कराने का झांसा देकर एक एजेंट ने ₹2 लाख लिए। मस्कट पहुंचने पर उन्हें 40 कमरों वाले मिनिस्ट्री ऑफिस में शौचालय साफ करने और बर्तन धोने जैसे काम में लगा दिया गया। 14-15 घंटे काम करने के बावजूद उन्हें वेतन नहीं मिला और कई दिन भूखा रहना पड़ा। भोपाल के सामाजिक कार्यकर्ता सैयद आबिद हुसैन की पहल और भारतीय दूतावास के हस्तक्षेप के बाद ढाई महीने की प्रताड़ना के बाद 30 जुलाई 2026 को उनकी सुरक्षित वतन वापसी हुई।