बड़वानी जिले में कछुए की गर्दन काटकर उसकी हत्या करने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। 23 जुलाई 2026 को दयाराम पुत्र देना निवासी पांचसा नर्मदा नदी से कछुआ लाकर ग्राम घोघसा में उसकी हत्या की। साथी महेश पुत्र दरियाव निवासी घोघसा ने इसका वीडियो बनाकर इंस्टाग्राम पर अपलोड किया, जिसके वायरल होने पर वन्य प्राणी अधिनियम के तहत कार्रवाई हुई। महेश दरियाव के बयान के आधार पर दयाराम पुत्र रैना निवासी घोघसा को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया और जेल भेज दिया गया। कछुआ अनुसूची एक का वन्य प्राणी है, जिसके शिकार पर सात वर्ष के कारावास का प्रावधान है।
गुना में एक तेंदुआ का धड़ मिलने के बाद वन विभाग ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन पर अंधविश्वास के चलते तेंदुआ का सिर, पंजे और पूंछ काटकर दवा बनाने व मवेशियों को बीमारी से बचाने की योजना का आरोप है। आरोपियों ने 30 जुलाई को शिकार किया था। पूछताछ के बाद तेंदुआ के अंग बरामद किए गए हैं। सभी आरोपियों को न्यायालय ने 14 दिन की रिमांड पर भेजा है, जहाँ उनसे शिकार के तरीके और अन्य पहलुओं पर गहन पूछताछ की जाएगी।
शहडोल के खन्नौधी वन परिक्षेत्र में वन विभाग ने चीतल शिकार का खुलासा करते हुए दो आरोपियों, बंसीलाल बैगा (42) और संतोष सिंह (31) को गिरफ्तार किया है। एक आरोपी बंसीलाल के घर से पका हुआ चीतल का मांस और एक सींग बरामद हुआ। मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए विभाग ने वन्यजीव अवशेषों को जब्त किया। दोनों आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जिला जेल शहडोल भेज दिया गया है। शिकार स्थल और मांस की उत्पत्ति को लेकर जांच जारी है।
शहडोल जिले के खन्नौधी वन परिक्षेत्र में चीतल के शिकार के मामले में दो आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। वन विभाग ने बंसीलाल बैगा (42) के घर से पका हुआ चीतल का मांस और एक सींग बरामद किया। बंसीलाल ने पूछताछ में संतोष सिंह (31) के साथ मांस खाने की बात स्वीकार की। दोनों आरोपितों को वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत प्रकरण दर्ज कर न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में शहडोल जिला जेल भेज दिया गया। शिकार के स्थान की जांच अभी जारी है।