केंद्रीय मंत्री के अनुसार, सौरव दास और आशुतोष रांका ने 24 जुलाई की वार्ता में शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को पहली और सबसे अहम शर्त बताया। उन्होंने कहा कि इसके बिना बातचीत बेमानी है और अपनी मांग से वे रत्ती भर भी नहीं भटके। सरकार को इस वार्ता से सकारात्मक परिणाम की उम्मीद थी, क्योंकि 20 जुलाई की पहली मुलाकात के बाद उसने कार्रवाई की थी। प्रतिनिधियों ने आंतरिक सुरक्षा पर सकारात्मक रुख दिखाया और असामाजिक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई का समर्थन किया। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी मुख्य मांग केवल शिक्षा मंत्री का पद से हटना है।