भोपाल में पिछले 40 सालों में झुग्गी मुक्त अभियान पर ₹3,115 करोड़ खर्च होने के बावजूद, शहर की 25 लाख आबादी में से 8 लाख से अधिक लोग अभी भी झुग्गियों में रहते हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, झुग्गी बस्तियों की संख्या 72 से बढ़कर 388 हो गई है। 21 सालों से नया मास्टर प्लान न आना और पुनर्वास मॉडल की खामियां, जैसे रोजगार से दूर मकान बनाना और आवंटित घरों का किराए पर देना, प्रमुख कारण हैं। ₹1,450 करोड़ पुराने पुनर्वास पर और ₹1,664.70 करोड़ पीएम आवास योजना पर खर्च हुए, लेकिन परिवारों को रोजगार से जोड़ने और अतिक्रमण रोकने में कमी रही।