केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने मध्य प्रदेश को टैक्स शेयरिंग के तहत 8010 करोड़ रुपये की अतिरिक्त किस्त जारी की है। इस राशि का उपयोग राज्य सरकार अपनी योजनाओं और विकास कार्यों में कर सकेगी। मध्य प्रदेश देश में तीसरा सबसे ज्यादा फंड पाने वाला राज्य बना है। केंद्र सरकार ने शनिवार को पांच राज्यों को कुल 1.09 लाख करोड़ रुपये की अतिरिक्त टैक्स शेयरिंग राशि जारी की। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 1 अगस्त, 2026 को इस पहल के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दतिया उपचुनाव में कुशवाह समाज सम्मेलन को संबोधित करते हुए अगले डेढ़ माह में दतिया को 11,500 करोड़ से अधिक लागत के कारखाने की सौगात मिलने की घोषणा की। उन्होंने कांग्रेस पर वंशवाद और विकास में बाधा डालने का आरोप लगाया, जबकि भाजपा को व्यापार-व्यवसाय के लिए भय मुक्त वातावरण देने वाली पार्टी बताया। मुख्यमंत्री ने भगवान श्रीराम और कुशवाह समाज के योगदान पर भी प्रकाश डाला, कांग्रेस पर राम के अस्तित्व पर सवाल उठाने का आरोप लगाया और भाजपा द्वारा कुशवाह समाज को दिए गए सम्मान का उल्लेख किया।
प्रदेश सरकार ने मंगलवार को विधानसभा में वर्ष 2026-27 के लिए 7,765 करोड़ रुपये से अधिक का प्रथम अनुपूरक बजट प्रस्तुत किया है। इस बजट में भावांतर योजना को सर्वाधिक 2,313 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। नर्मदा घाटी विकास की सिंचाई परियोजनाओं और भू-अर्जन के लिए 3,000 करोड़ रुपये तथा समर्थन मूल्य पर उपार्जन करने वाली संस्थाओं को 2220.62 करोड़ रुपये का प्रावधान है। इंफ्रास्ट्रक्चर और सड़क परियोजनाओं के लिए लोक निर्माण विभाग को 1,300 करोड़ रुपये अतिरिक्त दिए जाएंगे। शिक्षा, पर्यटन और बस सेवाओं सहित विभिन्न अन्य योजनाओं के लिए भी विशेष प्रावधान किए गए हैं।
मध्य प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट विधानसभा में पेश किया, जिसकी कुल राशि 7,765.77 करोड़ रुपये है। उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने यह बजट प्रस्तुत किया। इसमें नर्मदा घाटी विकास विभाग को सिंचाई परियोजनाओं और भूमि अधिग्रहण के लिए 3,000 करोड़ रुपये का सबसे बड़ा प्रावधान मिला है। अतिरिक्त राशि अधोसंरचना, कृषि, शिक्षा, परिवहन और जनकल्याण से जुड़ी योजनाओं को गति देने में सहायक होगी। विभिन्न विभागों को भी महत्वपूर्ण आवंटन दिए गए हैं।