इंदौर के धार रोड स्थित नए जिला अस्पताल पर गंभीर सवाल उठे हैं। करीब 83 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक सुविधाओं के साथ बने इस अस्पताल में हाथी के हमले में घायल ऑटो चालक विजय होलकर को कथित तौर पर उपचार नहीं मिला। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल ने उन्हें एमवाय अस्पताल रेफर कर दिया और आधे घंटे तक एंबुलेंस व स्ट्रेचर उपलब्ध नहीं कराया, जिससे घायल अस्पताल परिसर में तड़पता रहा। बाद में निजी अस्पताल में उपचार के दौरान विजय होलकर की मौत हो गई। परिजनों ने आर्थिक सहायता और मामले की जांच की मांग की है। सीएमएचओ डॉ. माधव हसानी के अनुसार, घायल का प्रारंभिक उपचार निजी अस्पताल में हुआ था।
इंदौर के राजनगर में एक हाथी के कुचलने से रिक्शा चालक विजय होलकर की मौत हो गई। इस घटना के बाद पुलिस ने हाथी को पालने के लिए आवश्यक लाइसेंस और अनुमति की वैधता की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने महावत को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ मामला दर्ज किया है। एडिशनल डीसीपी दिशेष अग्रवाल ने बताया कि वन विभाग से नियमों और कानूनी प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी मांगी गई है, क्योंकि हाथी एक संरक्षित वन्यजीव है और अंतिम निर्णय का अधिकार वन विभाग के पास है। वन विभाग लाइसेंस न मिलने पर महावत के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर हाथी को अपने कब्जे में ले सकता है।