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जबलपुर में महिला समूहों के ऋण की किश्तें हड़पने वाले छह संगम मैनेजरों पर ₹25.44 लाख गबन का आरोप

भारत फाइनेंशियल इन्क्लूजन लिमिटेड की सिहोरा शाखा के छह संगम मैनेजरों पर जबलपुर में ₹25.44 लाख के गबन का आरोप है। सिहोरा थाना पुलिस ने शाखा प्रबंधक गोविंद रजक की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की है। आरोपितों ने महिला समूहों से ऋण की किश्तें और प्री-पेमेंट के रूप में वसूली गई राशि बैंक में जमा करने के बजाय निजी उपयोग में ली। कृष्णकांत पांडेय, सौरभ सेन, अतुल बैरागी, आकाश सिंह गौंड, पवन कुशवाहा और बृजेश सिंह पर यह आरोप है। जांच में प्रत्येक आरोपित द्वारा गबन की गई राशि का विवरण भी सामने आया है।

₹21.05 करोड़ की साइबर ठगी का दूसरा मास्टरमाइंड गिरफ्तार, रतलाम का मैकेनिकल इंजीनियर सागर से पकड़ाया

राज्य साइबर पुलिस ने ₹21.05 करोड़ की क्रिप्टो करेंसी ठगी मामले में रतलाम निवासी मैकेनिकल इंजीनियर अंकित वर्मा को सागर से गिरफ्तार किया है। यह इस मामले में दूसरी बड़ी गिरफ्तारी है। अंकित वर्मा पर चार्टर्ड अकाउंटेंट अशोक विजयवर्गीय से हुई ठगी में अकाउंट हैंडलिंग का आरोप है। उसने भाजपा जिला पंचायत सदस्य जगदीश कुमार मालवीय द्वारा उपलब्ध कराए गए बैंक खाते का इस्तेमाल किया और छह राज्यों के म्यूल खातों का संचालन कर विदेशों से टेलीग्राम ऐप के जरिए पूरा नेटवर्क चलाया। पुलिस को उसके मोबाइल और लैपटॉप से महत्वपूर्ण रिकॉर्ड मिले हैं।

भोपाल में 24 घंटे में साइबर ठगी के 6 मामले, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी भी शिकार

भोपाल में 24 घंटे के भीतर साइबर ठगी के छह मामले दर्ज किए गए हैं। इन मामलों में ठगों ने मोबाइल हैक करने, रिश्तेदार की फर्जी आईडी बनाने, गेम के माध्यम से एपीके फाइल भेजने और घर बैठे नौकरी का लालच देने जैसे विभिन्न तरीकों का इस्तेमाल किया। एक वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी सहित कई लोग इन धोखाधड़ी का शिकार हुए, जिनसे कुल लाखों रुपये की ठगी की गई। पुलिस ने शिकायतों के आधार पर प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

साइबर ठगों ने बनाई ‘कैश-आउट गैंग’, शहरों में कमीशन एजेंट तैनात; शिकायत से पहले ही खाली हो जाते हैं खाते

साइबर ठगों ने पुलिस की त्वरित कार्रवाई से बचने के लिए एक नई ‘कैश-आउट गैंग’ बनाई है। यह गिरोह हर बड़े शहर में कमीशन एजेंट तैनात करता है, जो ठगी की रकम बैंक खाते में आते ही कुछ ही मिनटों में एटीएम से निकाल लेते हैं। इसके बाद यह रकम कैश डिपोजिट मशीन के जरिए सरगनाओं तक पहुंचा दी जाती है, जिससे पीड़ित के शिकायत करने से पहले ही खाते खाली हो जाते हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि इस पूरे ऑपरेशन को तीन राज्यों में बांटा जाता है, जिससे नेटवर्क तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है। कोहेफिजा पुलिस की जांच में इस देशव्यापी नेटवर्क का खुलासा हुआ।

नर्मदापुरम: मीना फ्रैक्चर अस्पताल आयुष्मान योजना में फर्जीवाड़ा और इलाज में लापरवाही का दोषी, लाइसेंस रद्द करने का नोटिस जारी

नर्मदापुरम में मीना फ्रैक्चर अस्पताल को स्वास्थ्य विभाग ने आयुष्मान भारत निरामयम योजना में वित्तीय अनियमितता और मरीज के इलाज में लापरवाही का दोषी पाया है। विभाग ने अस्पताल को लाइसेंस रद्द करने का नोटिस जारी किया है और आयुष्मान योजना से उसकी पात्रता तत्काल निरस्त करने की अनुशंसा की है। यह कार्रवाई रेखा अहिरवार की शिकायत के बाद हुई, जिसमें डॉक्टर ए.एस. मीना और अन्य पर लापरवाही का आरोप था। जांच दल ने अवैध रूप से पैसे लेने और सरकार को वित्तीय नुकसान पहुंचाने की पुष्टि की।

आयकर रिटर्न सीजन में साइबर धोखाधड़ी बढ़ी: वॉट्सएप पर फर्जी आयकर नोटिस भेजकर लोगों को बनाया जा रहा निशाना

आयकर रिटर्न दाखिल करने के सीजन में साइबर अपराधियों ने वॉट्सएप पर फर्जी आयकर नोटिस भेजकर लोगों को ठगना शुरू कर दिया है। ये नोटिस पैन कार्ड ब्लॉक होने या आयकर रिफंड लंबित होने का दावा करते हैं और 24 घंटे में बैंक खाता फ्रीज करने की धमकी देते हैं। ठग लिंक या जिप फाइल भेजकर गोपनीय जानकारी चुराते हैं। भोपाल क्राइम ब्रांच ने एडवाइजरी जारी कर स्पष्ट किया है कि आयकर विभाग वॉट्सएप का उपयोग नहीं करता और कभी भी ओटीपी या पासवर्ड नहीं मांगता। संदिग्ध संदेशों को हटाने और आधिकारिक पोर्टल पर जानकारी सत्यापित करने की सलाह दी गई है।

इंदौर में 15 करोड़ के लोन के झांसे में सड़क ठेकेदार से 1.45 करोड़ की ठगी

इंदौर में सड़क ठेकेदार पीयूष गुर्जर को 15 करोड़ रुपये के कमर्शियल लोन के प्रयास में 1.45 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का शिकार होना पड़ा। साइबर ठगों ने खुद को प्रतिष्ठित वित्तीय कंपनियों का प्रतिनिधि बताकर अग्रिम ब्याज, प्रोसेसिंग फीस आदि के नाम पर पैसे वसूले। बाद में उन्होंने लोन नहीं दिया और फोन उठाना बंद कर दिया। पुलिस ने शब्बीर अहमद सहित कई संदिग्धों के नाम पर जांच शुरू की है, जिसमें गिरोह के एक्टर और नेताओं से संबंध का भी खुलासा हुआ है।

भोपाल में साइबर ठगों ने गूगल सर्च, फर्जी APK और पार्ट-टाइम जॉब के नाम पर 6 लाख 58 हजार 350 रुपये ठगे

भोपाल में साइबर अपराधियों ने तीन नए तरीकों से कुल 6 लाख 58 हजार 350 रुपये की ठगी की है। पहले मामले में, एक व्यक्ति ने गूगल से डॉक्टर का नंबर खोजकर कॉल किया, जिसके बाद उसे फर्जी APK फाइल भेजकर बैंक खाते से 4 लाख 35 हजार 175 रुपये निकाल लिए गए। दूसरे मामले में, मोबाइल चोरी होने के बाद यूपीआई के जरिए 37 हजार रुपये ट्रांसफर किए गए। तीसरे मामले में, एक युवक और उसकी मां को पार्ट-टाइम जॉब का लालच देकर 1 लाख 86 हजार 175 रुपये ठग लिए गए। पुलिस ने तीनों मामलों में जीरो एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

साइबर धोखाधड़ी: 980 रुपये के विवाद पर 2.51 करोड़ रुपये का खाता फ्रीज नहीं कर सकते – हाई कोर्ट

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने साइबर धोखाधड़ी मामलों में बैंक खाते फ्रीज करने की प्रक्रिया पर महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा कि विवादित राशि स्पष्ट होने पर पूरे खाते को फ्रीज करना उचित नहीं, बल्कि जांच एजेंसियां केवल संदिग्ध राशि पर डेबिट फ्रीज लगाएं। पूरे खाते को असाधारण परिस्थितियों में ही फ्रीज किया जा सकता है, जिसके लिए कारण दर्ज करना अनिवार्य होगा। यह फैसला भोपाल निवासी अर्चना शिवहरे की याचिका पर आया, जिनका 2.51 करोड़ रुपये का खाता मात्र 980 रुपये के संदिग्ध लेनदेन के कारण फ्रीज कर दिया गया था। कोर्ट ने शिकायत निवारण और खाता सक्रियण के लिए समय-सीमा भी निर्धारित की है।

शहडोल जिला सहकारी बैंक सीईओ संतोष कुमार यादव निलंबित, वित्तीय अनियमितताओं के आरोप

शहडोल जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित के सीईओ संतोष कुमार यादव को गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों के चलते निलंबित कर दिया गया है। मध्य प्रदेश राज्य सहकारी बैंक मर्यादित भोपाल ने 21 जुलाई को यह आदेश जारी किया। अधिवक्ता कुणाल ठाकुर की शिकायत पर गठित दो सदस्यीय जांच दल की अंतरिम रिपोर्ट में यादव को दोषी पाया गया है। उन पर ‘खली-चुनी’ के नाम पर राशि अपने खाते में स्थानांतरित कराने तथा पद के दुरुपयोग सहित कई गंभीर आरोप हैं, जिनकी जांच ईओडब्ल्यू रीवा भी कर रहा है। आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने के बाद होगी।