उज्जैन के चार मॉडल पूरे मध्य प्रदेश की पंचायतों के लिए प्रेरणा बन रहे हैं। नरवर ग्राम पंचायत ने एक वर्ष में एक करोड़ रुपये से अधिक का कर संग्रह कर स्व-राजस्व का नया मानक स्थापित किया है। जिले की सभी ग्राम पंचायतों में सौर ऊर्जा व्यवस्था स्थापित की गई है। स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा संचालित कायथा टोल प्लाजा ने तीन वर्षों में 1.80 करोड़ रुपये की आय अर्जित की है। ‘प्रोजेक्ट स्वाध्याय’ के तहत नौ हजार विद्यार्थियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता का प्रशिक्षण दिया गया है।
29 वर्षीय आईटी प्रोफेशनल रोहित अपनी मूनलाइटिंग जॉब के कारण चर्चा में हैं, जिससे वह मासिक 7 लाख रुपये कमाते हैं। वह दिन में एक भारतीय और रात में एक अमेरिकी कंपनी के लिए प्रतिदिन 16 घंटे काम करते हैं। 80 लाख रुपये से अधिक की बचत, दो घर और एक कार होने के बावजूद, वह एआई के भविष्य के प्रभाव और बचपन की आर्थिक कठिनाइयों के कारण वित्तीय असुरक्षा महसूस करते हैं। उन्होंने परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए अपने भाई के त्याग का भी जिक्र किया। रोहित का लक्ष्य अगले 5-6 सालों में 7-8 करोड़ रुपये बचाना है, जिसके बाद वह एक नौकरी छोड़ देंगे।