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लोकसभा में कराधान और अन्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026 पारित

लोकसभा ने कराधान और अन्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026 को पारित कर दिया है, जो भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007, आयकर अधिनियम, 2025 और वित्त अधिनियम, 2026 में संशोधन करता है। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कार्य मंत्रणा समिति की अठारहवीं रिपोर्ट पर सहमति का प्रस्ताव रखा, जबकि सांसद पुरंदेश्वरी ने विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक, 2025 पर रिपोर्ट प्रस्तुत करने की समय सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव पेश किया। इस बीच, दिल्ली में भारी बारिश के दौरान राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा संसद परिसर में अपनी कार का इंतजार करते देखे गए।

शेयर बाजार में जेन-जी का दबदबा बढ़ा, नए निवेशकों में 59% हिस्सेदारी

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज की मार्केट पल्स-जुलाई 2026 रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय शेयर बाजार में जेन-जी निवेशकों का दबदबा लगातार बढ़ रहा है। अप्रैल से जून 2026 के बीच नए निवेशकों में जेन-जी की हिस्सेदारी 59% रही। मार्च 2020 में 3 करोड़ पंजीकृत निवेशकों की संख्या जून 2026 तक बढ़कर 13.24 करोड़ हो गई, जिसका अर्थ है कि देश का लगभग हर 10वां व्यक्ति अब पंजीकृत निवेशक है। कुल 4.40 करोड़ सक्रिय निवेशकों में से 3.55 करोड़ कैश मार्केट में और 85 लाख एफएंडओ में सक्रिय रहे।

मध्य प्रदेश सरकार ने 7,765 करोड़ रुपये से अधिक का प्रथम अनुपूरक बजट प्रस्तुत किया, भावांतर योजना को 2,313 करोड़ रुपये

मध्य प्रदेश सरकार ने मंगलवार को विधानसभा में वर्ष 2026-27 के लिए 7,765 करोड़ रुपये से अधिक का प्रथम अनुपूरक बजट पेश किया। उप मुख्यमंत्री (वित्त) जगदीश देवड़ा द्वारा प्रस्तुत इस बजट में भावांतर योजना के लिए सर्वाधिक 2,313 करोड़ रुपये का प्रविधान किया गया है। नर्मदा घाटी विकास को 3,000 करोड़, लोक निर्माण विभाग को अतिरिक्त 1,300 करोड़ और मुख्यमंत्री सुगम बस सेवा को 101 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को लैपटाप के लिए 258.07 करोड़ रुपये का भी प्रावधान है।

मध्य प्रदेश विधानसभा में 7,765.77 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश

मध्य प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट विधानसभा में पेश किया, जिसकी कुल राशि 7,765.77 करोड़ रुपये है। उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने यह बजट प्रस्तुत किया। इसमें नर्मदा घाटी विकास विभाग को सिंचाई परियोजनाओं और भूमि अधिग्रहण के लिए 3,000 करोड़ रुपये का सबसे बड़ा प्रावधान मिला है। अतिरिक्त राशि अधोसंरचना, कृषि, शिक्षा, परिवहन और जनकल्याण से जुड़ी योजनाओं को गति देने में सहायक होगी। विभिन्न विभागों को भी महत्वपूर्ण आवंटन दिए गए हैं।