मप्र विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर द्वारा कुशवाह समाज को ‘गुलाटी मारने वाला’ और ‘विश्वसनीयता खंडित करने वाला’ कहे जाने पर राजनीतिक गलियारों में बवाल मच गया है। मुरैना में भाजपा जिलाध्यक्ष के आवास पर एक कार्यक्रम में दिए गए इस बयान पर कुशवाह समाज के पूर्व विधायकों, जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों ने कड़ी आपत्ति जताई है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी इसे पिछड़ा वर्ग विरोधी बताया है। इस बयान को लेकर सोशल मीडिया पर विरोध बढ़ रहा है, जबकि भाजपा समर्थक नेता समर्थन में पोस्ट कर रहे हैं। विभिन्न नेताओं ने इस पर तीखी प्रतिक्रियाएं दी हैं।
मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पर दिल्ली के जंतर मंतर पर आंदोलनकारी युवाओं को ‘कीड़ा’ कहने का आरोप लगाया। इस आरोप पर सदन में आधे घंटे तक बहस चली। कैलाश विजयवर्गीय ने आरोपों का खंडन करते हुए कार्यवाही विवरण दिखाने की बात कही। बाद में विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने रिकॉर्ड की जांच के बाद पुष्टि की कि सदन की कार्यवाही में ‘कीड़ा’ शब्द का उपयोग नहीं हुआ था। विजयवर्गीय ने नेता प्रतिपक्ष पर झूठे आरोप लगाने का आरोप लगाया, जबकि अध्यक्ष ने सदस्यों को भविष्य के लिए सदन की कार्यवाही को लेकर गंभीर रहने की नसीहत दी।