दतिया भाजपा में विधानसभा उपचुनाव में हार के बाद संगठनात्मक बदलाव की कवायद तेज हो गई है। पार्टी ने जिला कार्यकारिणी भंग कर दी है और नए जिलाध्यक्ष के चयन पर मंथन कर रही है। आशुतोष तिवारी और घनश्याम पिरोनिया प्रमुख दावेदार हैं, जिनके सामने 2028 के विधानसभा चुनाव में टिकट की चुनौती भी है। पार्टी नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों को महत्वपूर्ण पदों से दूर रखने की रणनीति पर विचार कर रही है, साथ ही ब्राह्मण, व्यापारी, दलित और कुशवाह जैसे सामाजिक समीकरणों को साधने का प्रयास कर रही है। आगामी नगरीय निकाय चुनावों से पहले संगठन को मजबूत करना एक बड़ी चुनौती है।
विजयपुर और दतिया उपचुनाव में मिली जीत से उत्साहित कांग्रेस ने 11 अगस्त को भोपाल में राजनीतिक मामलों की समिति की बैठक बुलाई है। इस बैठक में वर्ष 2028 के मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए विस्तृत रोडमैप और कार्ययोजना तैयार की जाएगी। पार्टी दतिया में सफल रहे बूथ-स्तरीय प्रबंधन को सभी 230 विधानसभा सीटों पर लागू करने पर विचार कर रही है। कमल नाथ, दिग्विजय सिंह और विवेक तन्खा जैसे बड़े नेता बैठक में शामिल होंगे। कांग्रेस प्रदेशभर में किसानों, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर आंदोलन की योजना बना रही है।
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के सहयोगी चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में 11 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। इनमें दो भाजपा कार्यकर्ता सागर सोनकर और साहिब सोनकर भी शामिल हैं, जिन पर उत्तर प्रदेश के शूटरों को सुपारी देने का आरोप है। रथ की हत्या 6 मई को मध्यमग्राम में हुई थी, जो पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव नतीजों के दो दिन बाद का मामला है। सीबीआई ने छह शूटरों और तीन बिचौलियों समेत कुल नौ लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपी अभी फरार है। सीबीआई ने राज्य सरकार के अनुरोध पर यह जांच पश्चिम बंगाल पुलिस से अपने हाथ में ली थी।
मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी में ‘संगठन सृजन’ अभियान के तहत संगठनात्मक पुनर्गठन के पहले चरण की समीक्षा पूरी हो गई है। दतिया उपचुनाव में मिली जीत से उत्साहित कांग्रेस 11 अगस्त को पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी (पीएसी) की बैठक में समीक्षा रिपोर्ट पेश करेगी। इस बैठक में 2028 विधानसभा चुनाव की रणनीति और संगठन को मजबूत करने पर मंथन होगा। केंद्रीय नेतृत्व ने जिला प्रभारियों के कार्यों की सराहना की है, हालांकि अभी किसी जिले की अंतिम ग्रेडिंग नहीं हुई है। अगले तीन माह के कामकाज के आधार पर जिलों को ए, बी, सी व डी श्रेणी में वर्गीकृत किया जाएगा।
दतिया उपचुनाव में आजाद समाज पार्टी (आसपा) के प्रत्याशी दामोदर यादव ने 22,527 वोट प्राप्त कर मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया। उनके प्रदर्शन ने बसपा, कांग्रेस और भाजपा के वोटबैंक को प्रभावित किया, जिसके परिणामस्वरूप भाजपा 6,016 वोटों से चुनाव हार गई। यह उपचुनाव ग्वालियर-चंबल अंचल में दलित राजनीति में आसपा के संभावित उदय का संकेत देता है, जो 2028 के विधानसभा चुनावों में भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकती है। 2018 के विधानसभा चुनावों में दलित वोटों के एकतरफा रुख ने इस क्षेत्र के राजनीतिक परिणामों को बदल दिया था, जिससे भाजपा को सत्ता से बाहर होना पड़ा था।
हाई कोर्ट ने सुरखी (सागर) से भाजपा विधायक व मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के खिलाफ दायर याचिका खारिज कर दी है। याचिका में आरोप लगाया गया था कि वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में राजपूत ने नामांकन के साथ प्रस्तुत शपथपत्र में अपनी और अपनी पत्नी की संपत्तियों की जानकारी छिपाई थी। हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि विधानसभा चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद संपत्ति छिपाने के आरोपों की समीक्षा का वैधानिक अधिकार निर्वाचन आयोग के पास नहीं रहता।
दतिया विधानसभा उपचुनाव का परिणाम आज घोषित किया जाएगा, जिसकी मतगणना सुबह 8 बजे से शुरू होगी। यह नतीजा प्रदेश सरकार की स्थिरता पर कोई असर नहीं डालेगा, लेकिन इसे वर्ष 2028 के विधानसभा चुनावों से पहले जनता के मूड की पहली बड़ी परीक्षा के रूप में देखा जा रहा है। 30 जुलाई को 71.42% मतदान हुआ था। भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए यह चुनाव उनके नेतृत्व और क्षेत्रीय पकड़ के लिए महत्वपूर्ण है, जिसके परिणामस्वरूप आगामी राजनीतिक रणनीतियों को दिशा मिलेगी।
दतिया विधानसभा उपचुनाव के प्रचार के अंतिम दिन कांग्रेस ने जनआशीर्वाद यात्रा निकाली और सभा की, जिसमें प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी और दिग्विजय सिंह ने संबोधित किया। इसी दौरान, जीतू पटवारी ने आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायत भी दर्ज कराई। उपचुनाव में एक नया मोड़ तब आया जब दतिया राजपरिवार के दूसरे पक्ष, राजमाता हेमलता और राहुल गोविंद देव सिंह ने कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। उन्होंने प्रत्याशी पर राजपरिवार की मर्यादा तोड़ने का आरोप लगाते हुए जनता से भावनात्मक अपील की और दुर्व्यवहार, षड्यंत्र तथा संपत्ति विवाद को लेकर गंभीर खुलासे किए।