मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने राज्य विधानसभा से पारित समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक पर राष्ट्रपति की अनुमति से पहले कानूनी सलाह मांगी है। विधेयक को लोकभवन की विधि एवं विधायी शाखा भेजा गया है, क्योंकि इसके कई प्रविधान भारत सरकार के विभिन्न कानूनों से संबंधित हैं। इसमें बहुविवाह, निकाह हलाला पर रोक और विवाह-तलाक व लिव-इन रिलेशनशिप से जुड़े प्रविधान हैं। विधेयक 21 जुलाई को विधानसभा में पारित हुआ था। राष्ट्रपति कार्यालय संवैधानिक और कानूनी प्रविधानों का परीक्षण करेगा। उत्तराखंड में यूसीसी लागू हो चुका है, जबकि गुजरात और असम में प्रक्रिया जारी है।
मानसून सत्र में पहले दिन से जारी गतिरोध को समाप्त करने के लिए सरकार छात्र आंदोलन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई और राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर चर्चा को तैयार है। सरकार ने विपक्ष द्वारा गतिरोध तोड़ने की शर्त पर गृह मंत्री अमित शाह के जवाब देने का प्रस्ताव दिया है। विपक्ष को आशंका है कि सरकार चर्चा के बाद परिसीमन विधेयक पेश कर सकती है। इस बीच, सरकार एफसीआरए विधेयक को संयुक्त संसदीय समिति को भेजने की तैयारी में है, जिसका उद्देश्य विदेशी अंशदान की निगरानी करना है। विपक्षी दल इसे अल्पसंख्यकों को निशाना बनाने वाला बताते हैं, जबकि सरकार ने धार्मिक भेदभाव के आरोपों को खारिज किया है।
संसद में विपक्षी दलों के हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही को दिन में दूसरी बार दोपहर तीन बजे तक स्थगित कर दिया गया। इस दौरान एफसीआरए विधेयक को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विधेयक को अल्पसंख्यक विरोधी होने से इनकार किया, जबकि कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने इसे वापस लेने की मांग की। लोकसभा में विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक पेश किया गया और दो अन्य विधेयक बिना चर्चा के पारित हुए। राज्यसभा में राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (संशोधन) विधेयक, 2026 पर चर्चा जारी रही।
झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के खिलाफ छात्रों का आंदोलन 16वें दिन भी जारी है। सरकार से बातचीत बेनतीजा रहने के बाद छात्र विधानसभा घेराव करेंगे, जिसके मद्देनजर रांची में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और बैरिकेडिंग की गई है। एफबीआई निदेशक काश पटेल के अक्टूबर में रूस दौरे की खबर ने भी हलचल बढ़ा दी है, जहां संभावित ‘लेन-देन’ की अटकलें हैं। कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर सड़क धंसने और बिजनौर में तेंदुओं की बढ़ती संख्या भी प्रमुख खबरें हैं। पश्चिम एशिया में ईरान-अमेरिका-इजरायल संघर्ष 163वें दिन जारी है।
संसद का मानसून सत्र सरकार और विपक्ष के टकराव के कारण बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सत्र की 15 बैठकों में दोनों सदनों की कार्यवाही कुल 88 बार स्थगित हुई, जिसमें राज्यसभा 46 और लोकसभा 42 बार शामिल है। प्रतिदिन औसतन 7-8 घंटे के बजाय केवल एक घंटा काम हो सका। लोकसभा में प्रश्नकाल और शून्यकाल भी नहीं हो पाए। हालांकि 10 विधेयक पारित हुए, विपक्ष के स्थगन प्रस्तावों पर चर्चा नहीं हुई। नीट पेपर लीक पर 20 घंटे चर्चा के बावजूद आरोप-प्रत्यारोप हावी रहे, जिससे संसदीय कामकाज पर सवाल खड़े हो गए हैं।
विपक्षी दलों ने संसद के मानसून सत्र के लिए अपनी रणनीति तेज कर दी है। दोनों सदनों के विपक्षी फ्लोर लीडर्स राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष के चैंबर में बैठक करेंगे, जिसका उद्देश्य सत्र के शेष दिनों के लिए सदन के भीतर और बाहर की रणनीति तैयार करना है। बैठक के तुरंत बाद, विपक्षी सांसद संसद भवन के मकर द्वार पर विरोध प्रदर्शन करेंगे। विपक्ष 20 जुलाई की पुलिस कार्रवाई और राम मंदिर चंदा घोटाला विवाद जैसे मुद्दों पर सरकार को घेर रहा है। लोकसभा में आज कई विधेयक प्रस्तुत किए जाएंगे, जबकि सरकार 12 अगस्त को FCRA संशोधन विधेयक पर चर्चा करा सकती है।
लोकसभा ने कराधान और अन्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026 को पारित कर दिया है, जो भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007, आयकर अधिनियम, 2025 और वित्त अधिनियम, 2026 में संशोधन करता है। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कार्य मंत्रणा समिति की अठारहवीं रिपोर्ट पर सहमति का प्रस्ताव रखा, जबकि सांसद पुरंदेश्वरी ने विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक, 2025 पर रिपोर्ट प्रस्तुत करने की समय सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव पेश किया। इस बीच, दिल्ली में भारी बारिश के दौरान राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा संसद परिसर में अपनी कार का इंतजार करते देखे गए।
संसद के मानसून सत्र के दौरान लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष के हंगामे के कारण कार्यवाही बाधित हुई। लोकसभा को 6 अगस्त तक के लिए स्थगित कर दिया गया। इस बीच, बैंकर्स बुक्स एविडेंस बिल, 2026 लोकसभा में बिना चर्चा के पारित हो गया। इंडिया गुट के सांसदों ने राज्यसभा से वॉक आउट किया। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी से मुलाकात कर गतिरोध समाप्त करने और परिसीमन विधेयक पर चर्चा की। डिंपल यादव और पप्पू यादव ने भी विभिन्न मुद्दों पर बयान दिए।
संसद के मानसून सत्र के अंतिम चरण में सरकार और विपक्ष आमने-सामने हैं। सरकार सोमवार को चार अहम विधेयक, जिनमें सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश संख्या, एमएसएमई, आईएसआई और बैंकर बही साक्ष्य संशोधन विधेयक शामिल हैं, पेश करने की तैयारी में है। वहीं, कांग्रेस सहित विपक्षी दल राम मंदिर दान विवाद और दिल्ली में छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई के मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति पर अड़े हुए हैं। संसद में लगातार हंगामे के बावजूद सरकार 13 अगस्त को सत्र समाप्त होने से पहले सभी प्रमुख विधायी कार्य पूरे करने पर कायम है।
लोकसभा में विपक्ष के हंगामे के बीच जन्म-मृत्यु पंजीकरण संशोधन विधेयक मात्र तीन मिनट में पारित हो गया। बिना चर्चा के विधेयक पारित होने पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बयानबाजी शुरू हुई। दोनों ने एक-दूसरे पर संसदीय परंपराओं को नष्ट करने का आरोप लगाया। इससे एक दिन पहले, वंदेमातरम को राष्ट्रगान के समान दर्जा देने वाला विधेयक भी बिना चर्चा के पांच मिनट में पारित हुआ था।