राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सांसदों ने मंगलवार को संसद में विपक्ष के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया, उन पर चर्चा से भागने का आरोप लगाया। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस पर तंज कसते हुए कहा कि यह पहली बार है जब उन्होंने सत्ताधारी सांसदों को विरोध करते देखा है। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष ने उन्हें ऐसा करने पर मजबूर किया है और अब उन्हें आगे आकर बयान देना चाहिए। एनडीए का यह प्रदर्शन झारखंड में छात्रों के प्रदर्शन के मुद्दे पर केंद्रित था।
मानसून सत्र में पहले दिन से जारी गतिरोध को समाप्त करने के लिए सरकार छात्र आंदोलन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई और राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर चर्चा को तैयार है। सरकार ने विपक्ष द्वारा गतिरोध तोड़ने की शर्त पर गृह मंत्री अमित शाह के जवाब देने का प्रस्ताव दिया है। विपक्ष को आशंका है कि सरकार चर्चा के बाद परिसीमन विधेयक पेश कर सकती है। इस बीच, सरकार एफसीआरए विधेयक को संयुक्त संसदीय समिति को भेजने की तैयारी में है, जिसका उद्देश्य विदेशी अंशदान की निगरानी करना है। विपक्षी दल इसे अल्पसंख्यकों को निशाना बनाने वाला बताते हैं, जबकि सरकार ने धार्मिक भेदभाव के आरोपों को खारिज किया है।
संसद में विपक्षी दलों के हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही को दिन में दूसरी बार दोपहर तीन बजे तक स्थगित कर दिया गया। इस दौरान एफसीआरए विधेयक को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विधेयक को अल्पसंख्यक विरोधी होने से इनकार किया, जबकि कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने इसे वापस लेने की मांग की। लोकसभा में विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक पेश किया गया और दो अन्य विधेयक बिना चर्चा के पारित हुए। राज्यसभा में राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (संशोधन) विधेयक, 2026 पर चर्चा जारी रही।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को घोषणा की कि वह कल दोपहर तीन बजे तक विपक्ष द्वारा उठाए गए सभी सवालों का जवाब देंगे। विपक्ष दिल्ली में पुलिस की कथित ज्यादती और अन्य मुद्दों पर उनसे जवाब मांग रहा है। शाह ने कहा कि सरकार नीट परीक्षाओं के विरोध सहित किसी भी मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है और उसके पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है। उन्होंने विपक्ष से संसद की कार्यवाही चलने देने का आग्रह किया। लोकसभा अध्यक्ष को लिखे पत्र में उन्होंने नीट परीक्षा पर चर्चा के लिए सहमति जताई।
विपक्षी दलों ने संसद के मानसून सत्र के लिए अपनी रणनीति तेज कर दी है। दोनों सदनों के विपक्षी फ्लोर लीडर्स राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष के चैंबर में बैठक करेंगे, जिसका उद्देश्य सत्र के शेष दिनों के लिए सदन के भीतर और बाहर की रणनीति तैयार करना है। बैठक के तुरंत बाद, विपक्षी सांसद संसद भवन के मकर द्वार पर विरोध प्रदर्शन करेंगे। विपक्ष 20 जुलाई की पुलिस कार्रवाई और राम मंदिर चंदा घोटाला विवाद जैसे मुद्दों पर सरकार को घेर रहा है। लोकसभा में आज कई विधेयक प्रस्तुत किए जाएंगे, जबकि सरकार 12 अगस्त को FCRA संशोधन विधेयक पर चर्चा करा सकती है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की अध्यक्षता में इंडिया गठबंधन के फ्लोर लीडर्स की बैठक संसद भवन में हुई। इस बैठक में संसद के मौजूदा मानसून सत्र के लिए रणनीति बनाई गई। विपक्ष ने सरकार को विभिन्न अहम मुद्दों पर घेरने और सदन में अपनी भूमिका तय करने पर चर्चा की। गठबंधन के प्रमुख दलों के नेताओं ने साझा रणनीति के साथ आगे बढ़ने पर सहमति जताई, जिसमें जनहित के मुद्दों पर एकजुट होकर सरकार से जवाबदेही सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
विपक्षी सांसदों ने मंगलवार को संसद परिसर में अयोध्या के राम मंदिर में कथित दान चोरी और छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित पुलिस ज्यादती के विरोध में प्रदर्शन किया। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा सहित कई सांसदों ने मकर द्वार के सामने तख्तियां लेकर “चंदा चोर, गद्दी छोड़” और “अमित शाह जवाब दो” जैसे नारे लगाए। उन्होंने दान पेटियों का प्रतीकात्मक इस्तेमाल किया। इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अनुपस्थिति पर भी सवाल उठाए गए। इंडिया गठबंधन की रणनीति के तहत यह प्रदर्शन किया गया, जिससे लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक स्थगित करनी पड़ी।
दिल्ली में राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और प्रियंका गांधी वाड्रा सहित विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में विरोध मार्च निकाला। यह प्रदर्शन 20 जुलाई को सीजेपी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ ‘पुलिस कार्रवाई’ को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के विरोध में किया गया। सांसदों ने गांधी प्रतिमा से मकर द्वार तक मार्च किया। कांग्रेस सांसदों ने गृह मंत्री से संसद में घटना पर बयान देने और जवाबदेही तय करने की मांग की। शिव सेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने गृह मंत्री की सदन में अनुपस्थिति पर सवाल उठाए।
संसद के मानसून सत्र के दौरान लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष के हंगामे के कारण कार्यवाही बाधित हुई। लोकसभा को 6 अगस्त तक के लिए स्थगित कर दिया गया। इस बीच, बैंकर्स बुक्स एविडेंस बिल, 2026 लोकसभा में बिना चर्चा के पारित हो गया। इंडिया गुट के सांसदों ने राज्यसभा से वॉक आउट किया। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी से मुलाकात कर गतिरोध समाप्त करने और परिसीमन विधेयक पर चर्चा की। डिंपल यादव और पप्पू यादव ने भी विभिन्न मुद्दों पर बयान दिए।
संसद के मानसून सत्र के अंतिम चरण में सरकार और विपक्ष आमने-सामने हैं। सरकार सोमवार को चार अहम विधेयक, जिनमें सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश संख्या, एमएसएमई, आईएसआई और बैंकर बही साक्ष्य संशोधन विधेयक शामिल हैं, पेश करने की तैयारी में है। वहीं, कांग्रेस सहित विपक्षी दल राम मंदिर दान विवाद और दिल्ली में छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई के मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति पर अड़े हुए हैं। संसद में लगातार हंगामे के बावजूद सरकार 13 अगस्त को सत्र समाप्त होने से पहले सभी प्रमुख विधायी कार्य पूरे करने पर कायम है।