सुप्रीम कोर्ट ने भोपाल में आवासीय भवनों के व्यावसायिक उपयोग और अवैध निर्माण से जुड़े मामले में मध्य प्रदेश सरकार को बड़ा झटका दिया है। कोर्ट ने राज्य सरकार द्वारा गठित 10 सदस्यीय जांच समिति की कार्रवाई पर रोक लगा दी और मध्यप्रदेश हाईकोर्ट से दुकान संचालकों को मिले सभी राहत आदेश निरस्त कर दिए। सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया कि उसके निर्देशों पर चल रही जांच में कोई हस्तक्षेप स्वीकार नहीं किया जाएगा और कानून के पालन में ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी। अगली सुनवाई 15 सितंबर को होगी। इस फैसले के बाद नगर निगम की कार्रवाई तेज होने की उम्मीद है।