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वेटरनरी यूजी काउंसलिंग मेडिकल के बाद, 300 सीटों पर प्रवेश

वेटरनरी विश्वविद्यालय ने नीट-यूजी परिणाम के बाद स्नातक प्रवेश प्रक्रिया में तेजी लाई है, जिसका उद्देश्य पिछले सत्र की देरी से बचना है। विश्वविद्यालय की काउंसलिंग कमेटी ने डायरेक्टर ऑफ मेडिकल एजुकेशन विभाग को पत्र लिखकर मेडिकल यूजी की पहली काउंसलिंग पूरी होते ही वेटरनरी यूजी काउंसलिंग शुरू करने का आग्रह किया है। जबलपुर, रीवा और महू के तीनों कॉलेजों में लगभग 300 सीटों के लिए काउंसलिंग होगी। विश्वविद्यालय ने मेरिट लिस्ट मंगवाई है और आंतरिक तैयारियां भी शुरू कर दी हैं, जिसमें सीटों का ब्यौरा और आरक्षण व्यवस्था शामिल है, ताकि छात्रों को अनावश्यक परेशानी न हो।

मंडला-डिंडौरी में बारिश से रादुविवि की स्नातक परीक्षा से कई छात्र वंचित

मंडला और डिंडौरी जिलों में भारी बारिश के कारण रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय की स्नातक परीक्षाओं में कई परीक्षार्थी शामिल नहीं हो पाए। सड़क और पुल-पुलियों पर पानी भरने से आवागमन बाधित हुआ, जिससे लगभग 20 परीक्षा केंद्रों पर छात्र समय पर नहीं पहुंच सके। विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रभावित केंद्रों से अनुपस्थिति और परीक्षा छूटने के कारणों की रिपोर्ट मांगी है, जिसके बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। अमरपुर-समनापुर मार्ग बंद होने से छात्रों को सर्वाधिक परेशानी हुई।

जबलपुर में कांवड़ यात्रा के बावजूद रादुवि की परीक्षाएं यथावत

जबलपुर में 10 अगस्त को कांवड़ यात्राएं निकलने के बावजूद रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय (रादुवि) की परीक्षाएं पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही आयोजित होंगी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों को सूचित किया है कि यातायात प्रभावित होने की संभावना को देखते हुए उन्हें परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त समय से पहले पहुंचना होगा। परीक्षा नियंत्रक डॉ. सुनील दुबे ने पुष्टि की है कि परीक्षा कार्यक्रम में कोई बदलाव नहीं किया गया है। बीएससी प्रथम वर्ष की परीक्षा सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक और बीए प्रथम वर्ष की परीक्षा दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक होगी।

एबीवीपी ने रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में तीन घंटे धरना दिया, लॉ विभाग की जर्जर छत का मुद्दा उठाया

रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने गुरुवार को कुलगुरु कार्यालय में लगभग तीन घंटे तक धरना प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने कुलगुरु को सात सूत्रीय ज्ञापन सौंपकर लॉ विभाग की जर्जर इमारत, दो वर्षों से लंबित छात्रवृत्ति, बढ़ी हुई फीस, परीक्षा परिणाम में देरी और एनसीसी इकाई के निलंबन जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। प्रांत मंत्री सुव्रत बांझल ने सुविधाओं की कमी और फीस वृद्धि पर सवाल उठाए, जबकि महानगर मंत्री आर्यन पुंज ने एनसीसी इकाई बहाल करने की मांग की। एबीवीपी ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज किया जाएगा।

मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी कुलपति नियुक्ति: सरकारी प्रोफेसर के 10 वर्ष अनुभव की शर्त हटेगी

मध्य प्रदेश मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी में कुलपति पद के लिए सरकारी मेडिकल कॉलेज में प्रोफेसर के रूप में 10 वर्ष का अनुभव अनिवार्य करने वाली शर्त से राज्य सरकार पीछे हटेगी। सरकार ने हाई कोर्ट में बताया कि इस प्रावधान को हटाने के लिए विधानसभा में नया विधेयक लाया जाएगा, जिसके बाद कुलपति नियुक्ति की पूर्व व्यवस्था फिर लागू होगी। हाई कोर्ट ने सरकार के बयान को रिकॉर्ड पर लेते हुए विस्तृत जवाब मांगा है।

हरि सिंह गौर विश्वविद्यालय: महिला शोधार्थियों के उत्पीड़न आरोपों पर विभागाध्यक्ष प्रो. विनोद भारद्वाज पद से हटाए गए

हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय के सामान्य एवं व्यावहारिक भूगोल विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. विनोद कुमार भारद्वाज को महिला शोधार्थियों के उत्पीड़न, दबाव बनाने और दस्तावेजों में हेरफेर के आरोपों के चलते प्रशासनिक दायित्वों से मुक्त कर दिया गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन आंतरिक शिकायत समिति की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठा रहा है। शोधार्थियों ने जुलाई में मानसिक उत्पीड़न, अमर्यादित व्यवहार और गैर-अकादमिक गतिविधियों के लिए दबाव बनाने की शिकायत की थी, जिसमें सोशल मीडिया पर डिनर के लिए बार-बार दबाव बनाना भी शामिल था।

डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय ने चैट जीपीटी से सामूहिक नकल पर निजी कॉलेज के परिणाम रोके

डॉ. हरीसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय, सागर में छिंदवाड़ा के सतपुड़ा कॉलेज ऑफ इंफॉर्मेशन एंड बायोटेक्नोलॉजी के छात्रों द्वारा चैट जीपीटी का उपयोग कर सामूहिक नकल का मामला सामने आया है। अर्थशास्त्र विषय की एक उत्तर पुस्तिका की जांच के दौरान इसका खुलासा हुआ, जहां उत्तर के अंत में ‘वीडियो लिंक’ का जिक्र मिला। प्रारंभिक जांच में तीन अन्य विषयों में भी इसी तरह की नकल के संकेत मिले हैं। विश्वविद्यालय ने तत्काल कार्रवाई करते हुए कॉलेज के सभी परीक्षा परिणाम रोक दिए हैं और मामले की जांच के लिए एक समिति का गठन किया है।

दिल्ली विश्वविद्यालय और जेएनयू ने छात्रों को जंतर-मंतर प्रदर्शनों से दूर रहने की सलाह दी

दिल्ली में नीट पेपर लीक मामले को लेकर जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) ने छात्रों को जंतर-मंतर पर होने वाले धरना-प्रदर्शनों से दूर रहने की एडवाइजरी जारी की है। दोनों विश्वविद्यालयों ने ऐसे आयोजनों में शामिल होने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी। डीयू ने छात्रों की सुरक्षा और करियर पर असर की बात कही, जबकि जेएनयू ने व्यक्तिगत सुरक्षा को प्राथमिकता देने का अनुरोध किया। लोकसभा में राहुल गांधी ने डीयू की एडवाइजरी की आलोचना करते हुए विश्वविद्यालय पर छात्रों को धमकाने का आरोप लगाया।

बरकतउल्ला विश्वविद्यालय 85 संबद्ध एमबीए कॉलेजों में अनियमितताओं की जांच करेगा

बरकतउल्ला विश्वविद्यालय (बीयू) ने 85 संबद्ध एमबीए कॉलेजों में अनियमितताओं और फर्जीवाड़े की शिकायतों के बाद व्यापक निरीक्षण अभियान शुरू किया है। 60 प्राध्यापकों की एक टीम तीन दिन में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी, जिसके आधार पर कॉलेजों की संबद्धता जारी रखने या कार्रवाई करने का निर्णय लिया जाएगा। पूर्व में, तकनीकी शिक्षा संचालनालय (डीटीई) ने संबद्धता न मिलने के कारण 80 एमबीए कॉलेजों को प्रथम चरण की काउंसलिंग से बाहर कर दिया था, जिससे लगभग 19,260 सीटें कम हो गईं। दूसरे चरण की काउंसलिंग के लिए मेरिट सूची 31 जुलाई को जारी होगी और सीट आवंटन 4 अगस्त को होगा।

बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. विवेक शर्मा का इस्तीफा

बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. विवेक शर्मा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, जिसे राज्यपाल ने तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है। नए कुलगुरु की नियुक्ति होने तक उच्च शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन को कुलगुरु का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। राजभवन के 23 जुलाई को जारी आदेश के अनुसार, प्रो. शर्मा ने 22 जुलाई 2026 को त्यागपत्र दिया था। इस अंतरिम व्यवस्था का उद्देश्य विश्वविद्यालय के शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्यों को सुचारु रूप से जारी रखना है। उनके इस्तीफे के कारणों का उल्लेख राजभवन के आदेश में नहीं किया गया है।