भोपाल के ‘अपना घर’ वृद्धाश्रम में 70 वर्षीय घनश्याम की मृत्यु के बाद उनके चार बच्चों ने अंतिम संस्कार में शामिल होने से इनकार कर दिया। आश्रम प्रबंधन को दो दिन तक शव रखना पड़ा और अंततः पुलिस की सहायता से अंतिम संस्कार कराया गया। बेटियों ने संपत्ति न मिलने का हवाला दिया, जबकि बेटों ने कहा कि पिता ने उनके लिए कुछ नहीं किया। आश्रम संचालिका माधुरी मिश्रा ने बताया कि परिवार ने बाद में मृत्यु प्रमाण पत्र मांगा, जिसे देने से इनकार कर दिया गया। यह घटना बुजुर्गों के प्रति बढ़ती संवेदनहीनता को दर्शाती है।
इंदौर के अवैध प्रेमाश्रय वृद्धाश्रम को बुजुर्गों से मारपीट का वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन ने खाली करा दिया। इस दौरान एक 30 वर्षीय मानसिक रूप से अस्वस्थ महिला और उसका बेटा बिछड़ गए; बच्चे को बाल कल्याण समिति ने स्पेशल एडाप्शन एजेंसी को सौंप दिया। हाईकोर्ट ने इस मामले में स्वत: संज्ञान लिया और शासन से स्टेटस रिपोर्ट मांगी। रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि आश्रम सामाजिक न्याय विभाग की अनुमति के बिना निगम के सामुदायिक भवन में अवैध रूप से चल रहा था। आश्रम का संचालन महाराणा प्रताप वेलफेयर सोसायटी कर रही थी जिसके पास आवश्यक पंजीयन और दस्तावेज नहीं थे।
इंदौर में एक अवैध वृद्धाश्रम को ढहा दिया गया है। यह कार्रवाई सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आने के बाद हुई, जिसमें वृद्धाश्रम में बुजुर्ग महिलाओं के साथ मारपीट होते दिख रही थी। जांच में पता चला कि वृद्धाश्रम नगर निगम की 8,000 वर्ग फुट जमीन पर पिछले चार साल से अवैध कब्जा करके चलाया जा रहा था और इसके पास आवश्यक कानूनी मंजूरी भी नहीं थी। प्रशासन ने 30 जुलाई को ही इसे सील कर दिया था और 31 निवासियों को अन्य मान्यता प्राप्त केंद्रों में स्थानांतरित कर दिया था। मारपीट के आरोपी 14 वर्षीय लड़के को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया गया है।
इंदौर के प्रेमाश्रय वृद्धाश्रम में बुजुर्गों के साथ मारपीट के वायरल वीडियो के बाद हाई कोर्ट की इंदौर डबल बेंच ने इस मामले में सुनवाई की। न्यायमूर्ति सुबोध अभ्यंकर और न्यायमूर्ति आलोक अवस्थी की पीठ ने राज्य सरकार को इंदौर संभाग के सभी आश्रय गृहों और वृद्धाश्रमों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने उनकी कुल क्षमता और वर्तमान में रह रहे बुजुर्गों की संख्या का विवरण मांगा है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव को भी प्रेमाश्रय के बुजुर्गों को भेजे गए आश्रय गृहों का निरीक्षण कर रिपोर्ट देने को कहा गया है। अगली सुनवाई 18 अगस्त 2026 को होगी।
इंदौर के प्रेमाश्रय वृद्धाश्रम में बुजुर्गों की पिटाई के वीडियो के बाद नए खुलासे हुए हैं। आश्रम से स्थानांतरित बुजुर्गों ने दावा किया है कि नाबालिग के अलावा कर्मचारी भी उनसे मारपीट और गाली-गलौज करते थे। फिलहाल तीन बुजुर्ग एमवाय अस्पताल में भर्ती हैं, जहाँ उनका उपचार चल रहा है। जिला प्रशासन ने वृद्धाश्रम को सील कर दिया है और मामले की जांच जारी है। आश्रम में सीसीटीवी कैमरे भी नहीं लगे थे।
मध्यप्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने प्रेमाश्रय वृद्धाश्रम में बुजुर्गों की पिटाई के मामले में स्वत: संज्ञान लिया है। न्यायालय ने जिला प्रशासन को स्टेटस रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। जिला प्रशासन की जांच पूरी हो चुकी है और रिपोर्ट संभवतः 3 अगस्त को कोर्ट में प्रस्तुत की जाएगी। यह वृद्धाश्रम महाराणा प्रताप नगर में निगम के आंगनवाड़ी कमरों में चार साल से अवैध रूप से संचालित हो रहा था। एक वायरल वीडियो में नाबालिग द्वारा बुजुर्गों की पिटाई सामने आने के बाद प्रशासन ने आश्रम को सील कर दिया था और 31 बुजुर्गों को अन्य आश्रमों में स्थानांतरित किया था।