करीब तीन दशक बाद शनिदेव 27 जुलाई 2026 से 11 दिसंबर 2026 तक 138 दिनों के लिए मीन राशि में वक्री होंगे। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार, शनि की यह उल्टी चाल देश की राजनीति, न्याय व्यवस्था, कृषि, श्रमजीवी वर्ग और मौसम में महत्वपूर्ण हलचल ला सकती है। ज्योतिषाचार्यों का आकलन है कि 1996 के समान इस बार भी बड़े राजनीतिक और प्रशासनिक घटनाक्रम सामने आ सकते हैं। यह अवधि नए कार्य शुरू करने के बजाय पुराने कार्यों को पूरा करने और आत्ममंथन का समय है। विभिन्न राशियों पर इसके अलग-अलग प्रभाव होंगे और शुभ प्रभावों के लिए विशेष ज्योतिषीय उपाय सुझाए गए हैं।