मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की ई-अटेंडेंस को लेकर मंगलवार को स्पष्टीकरण जारी किया गया। लोक शिक्षण संचालनालय ने बताया कि शिक्षकों को सुबह 10:30 बजे तक ई-अटेंडेंस दर्ज करनी होगी, जिसमें 15 मिनट का ग्रेस पीरियड शामिल है। देरी होने पर शिक्षकों को कारण बताना होगा और लगातार लापरवाही पर वेतन कटौती हो सकती है। इस व्यवस्था का उद्देश्य शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित करना है। वर्षाकाल में उफनते नदी-नाले पार करने की आवश्यकता नहीं होगी, शिक्षक वाट्सएप के माध्यम से सूचित कर सकेंगे। सागर और मंदसौर के जिला आदेशों में भिन्नता के बाद सुधार के निर्देश दिए गए हैं।
जबलपुर में शिक्षकों के लिए लागू ई-अटेंडेंस व्यवस्था में बार-बार लॉगिन समय बदलने से शिक्षक परेशान हैं। पहले 9:30 से 11:30 बजे तक का समय था, जिसे घटाकर 9:30 से 10:30 बजे तक किया गया और अब 10 बजे से पहले लॉगिन के निर्देश हैं। शिक्षकों का कहना है कि इससे मानसिक दबाव बढ़ रहा है और तकनीकी दिक्कतें भी हैं। राज्य शिक्षक संघ जबलपुर के जिलाध्यक्ष नरेंद्र त्रिपाठी ने इसे शिक्षा सुधार के नाम पर शिक्षकों को मानसिक त्रासदी बताया। उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव से मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर स्पष्ट और स्थायी व्यवस्था बनाने की मांग की है।