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थरूर ने माना: पेपर लीक पर कांग्रेस का प्रदर्शन CJP जितना प्रभावी नहीं

कांग्रेस नेता शशि थरूर ने शुक्रवार को स्वीकार किया कि पेपर लीक के मुद्दे पर कांग्रेस का ‘छात्रों की गूंज’ अभियान कॉकरेच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन जितना प्रभावी नहीं रहा। उन्होंने मुंबई में एक कार्यक्रम के दौरान यह बात कही और सवाल उठाया कि क्या कांग्रेस छात्रों की नब्ज समझने में नाकाम रही। सीजेपी ने 20 जून से नीट-यूजी 2026 पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन शुरू किया था, जिसे देश का पहला जेन जी प्रदर्शन कहा गया। कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई ने भी 12 मई को दिल्ली में प्रदर्शन किया था, और राहुल गांधी ने 17 जून को ‘छात्रों की गूंज’ अभियान शुरू किया था।

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर बॉलीवुड का समर्थन, कई हस्तियों ने छात्रों को दी बधाई

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद बॉलीवुड और मनोरंजन उद्योग के कई कलाकारों ने छात्रों के आंदोलन का समर्थन किया। आलिया भट्ट, प्रियंका चोपड़ा, शबाना आजमी, प्रकाश राज, वीर दास जैसे सितारों ने सोशल मीडिया के जरिए छात्रों को बधाई दी और इसे युवाओं की जीत बताया। प्रियंका चोपड़ा ने सोनम वांगचुक के आंदोलन का जिक्र करते हुए नई पीढ़ी की सराहना की। शबाना आजमी ने छात्रों को संविधान की ताकत साबित करने के लिए धन्यवाद दिया और शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार होने तक संघर्ष जारी रखने की बात कही। कई कलाकारों ने लोकतंत्र और एकता पर जोर दिया, जबकि विजय वर्मा ने सरकार पर तंज कसा।

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद CJP सदस्यों के कथित होटल पार्टी वीडियो पर उठे सवाल

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सदस्यों का एक कथित होटल पार्टी वीडियो वायरल हो गया है। इस वीडियो को लेकर संगठन की कार्यशैली, नेतृत्व और आंदोलन की फंडिंग पर सोशल मीडिया पर सवाल उठाए जा रहे हैं। दिल्ली के जंतर-मंतर पर कई दिनों तक चले प्रदर्शन के बाद सामने आए इस वीडियो को वरिष्ठ अधिवक्ता महेश जेठमलानी ने साझा किया है। भाजपा नेता अमित मालवीय ने भी इस पर टिप्पणी की है, जिससे हजारों छात्रों को दिए गए संदेश पर बहस छिड़ गई है। CJP ने प्रधान के इस्तीफे को अपनी बड़ी जीत बताया था।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर सोनाक्षी सिन्हा ने जेन Z की तारीफ की

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा कर जेन Z की प्रशंसा की, यह स्वीकार करते हुए कि उन्होंने पहले उन्हें हल्के में लिया था। उन्होंने कान पकड़कर दंड-बैठक की और जेन Z जैसा बनने की इच्छा व्यक्त की। सोनाक्षी ने कई अन्य पोस्ट भी किए और छात्रों के लिए न्याय की मांग की थी। अभिनेत्री पारुल गुलाटी ने भी प्रधान के इस्तीफे का जश्न मनाया। CJP नेता अभिजीत दिपके ने CJI सूर्यकांत को धन्यवाद दिया, और आलिया भट्ट समेत कई सेलेब्स ने भी प्रतिक्रिया दी।

कॉकरोच जनता पार्टी सरकार से बातचीत को तैयार, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे सहित तीन शर्तें रखीं

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने सरकार से बातचीत के लिए अपनी तैयारी जताई है, बशर्ते वार्ता जंतर-मंतर या किसी तटस्थ स्थान पर हो। पार्टी ने प्रदर्शन समाप्त करने के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे सहित तीन शर्तें रखी हैं, जिन पर कोई समझौता न करने की बात कही। सीजेपी ने अनशनकारी सोनम वांगचुक से भूख हड़ताल खत्म करने की अपील भी की। इस बीच, सीजेपी के एक प्रदर्शन की कवरेज के दौरान पत्रकारों को अभद्रता और धक्का-मुक्की का सामना करना पड़ा, जिससे उपकरण क्षतिग्रस्त हो गए। पत्रकार संगठनों ने निष्पक्ष जांच की मांग की है।

छात्रों के समर्थन में अन्ना हजारे का मौन आंदोलन, पीएम मोदी को पत्र लिखकर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

वरिष्ठ समाजसेवी अन्ना हजारे ने दिल्ली में छात्रों के विरोध प्रदर्शन का समर्थन करते हुए महाराष्ट्र के अहिल्यानगर में दो घंटे का मौन आंदोलन किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई पर चिंता जताई और मामले में हस्तक्षेप की अपील की। अन्ना हजारे ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि इससे सरकार कमजोर नहीं होगी, बल्कि जवाबदेही बढ़ेगी। उन्होंने सरकार से बल प्रयोग के बजाय छात्रों से सीधे बातचीत कर समाधान निकालने का भी आग्रह किया।

इंदौर में छात्र आंदोलन पर पुलिस की सख्ती बढ़ी, भोजन-पानी देने वालों से पूछताछ

इंदौर के भंवरकुआं चौराहे पर छात्रों के आंदोलन पर पुलिस की सख्ती बढ़ गई है, जहां प्रदर्शनकारियों को भोजन और पानी पहुंचाने वाले युवकों से पूछताछ की जा रही है। इस कार्रवाई के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि शांतिपूर्ण आंदोलन को दबाने का प्रयास न किया जाए। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने छात्रों से मुलाकात की, जिन्होंने पुलिस उत्पीड़न के आरोप लगाए। दिग्विजय सिंह ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग दोहराई और छात्रों के प्रति मानवीय व्यवहार का आग्रह किया।

दिग्विजय सिंह और जीतू पटवारी नीट पेपर लीक विरोध प्रदर्शन में शामिल

इंदौर में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी बुधवार शाम नीट पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे युवाओं के साथ भंवरकुआं पर धरने पर बैठ गए। युवा और विद्यार्थी टंट्यामामा प्रतिमा के सामने पिछले 20 दिनों से शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। कांग्रेस नेताओं ने पुलिस पर आंदोलन कुचलने और भोजन बांटने वालों को हिरासत में लेने का आरोप लगाया। उन्होंने कोचिंग संस्थानों को धमकाने की बात भी कही। युवाओं ने गुरुवार को न्याय यात्रा निकालने का ऐलान किया है।

अन्ना हजारे ने पीएम मोदी को लिखा पत्र: मंत्री के इस्तीफे से सरकार होगी अधिक जवाबदेह

सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर दिल्ली में छात्रों के आंदोलन के दौरान हुई हिंसा पर पीड़ा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि किसी मंत्री का इस्तीफा लेने से सरकार कमजोर नहीं होगी, बल्कि इससे अन्य मंत्रियों को जवाबदेही का स्पष्ट संदेश मिलेगा और सरकार का कामकाज अधिक प्रभावी बनेगा। हजारे ने नीट परीक्षा अनियमितताओं, पेपर लीक और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर लाखों युवाओं की चिंताओं को जनता की पीड़ा के रूप में देखने की सलाह दी। उन्होंने संवाद को टकराव से बेहतर बताते हुए सरकार से प्रदर्शनकारियों की बात सुनने और रचनात्मक संवाद से समाधान खोजने का आग्रह किया।

नीट पेपर लीक: सीजेपी आंदोलन को उद्धव ठाकरे का समर्थन, शिक्षा मंत्री ने राहुल गांधी पर साधा निशाना

नीट पेपर लीक के बाद सोशल मीडिया पर शुरू हुई कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) मुहिम चार हफ्ते से अधिक समय से सुर्खियों में है। दिल्ली में सीजेपी के शांतिपूर्ण संसद मार्च पर पुलिस बल प्रयोग हुआ, जिसके बाद राहुल गांधी के नेतृत्व में भी प्रदर्शन हुए। विपक्ष सरकार पर जिम्मेदारी से भागने का आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री आवास तक पहुंचा। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने जंतर-मंतर पर सीजेपी आंदोलन को समर्थन दिया। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने भी प्रतिक्रिया दी।