खिमलासा के एक निजी स्कूल में तीसरी कक्षा के 8 वर्षीय छात्र के साथ शिक्षक द्वारा मारपीट का मामला सामने आया है। छात्र के पिता दयाराम विश्वकर्मा ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। आरोप है कि 6 अगस्त को कॉपी पूरी न होने पर शिक्षक ने छात्र को मुर्गा बनाकर पीटा। घटना के बाद बच्चा सहमा हुआ है, उसे बुखार आ गया और वह स्कूल जाने से मना कर रहा है। उसकी कमर पर चोट के निशान भी मिले हैं। परिजनों ने स्कूल में शिकायत के बाद पुलिस को आवेदन दिया है। इसके अतिरिक्त, रायपुर में एक अन्य घटना में एक छात्र को 40 सेकंड में 46 थप्पड़ मारे गए, जिसके बाद उसे गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी मिली और पीड़ित ने टीसी कटवा ली।
मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की ई-अटेंडेंस को लेकर मंगलवार को स्पष्टीकरण जारी किया गया। लोक शिक्षण संचालनालय ने बताया कि शिक्षकों को सुबह 10:30 बजे तक ई-अटेंडेंस दर्ज करनी होगी, जिसमें 15 मिनट का ग्रेस पीरियड शामिल है। देरी होने पर शिक्षकों को कारण बताना होगा और लगातार लापरवाही पर वेतन कटौती हो सकती है। इस व्यवस्था का उद्देश्य शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित करना है। वर्षाकाल में उफनते नदी-नाले पार करने की आवश्यकता नहीं होगी, शिक्षक वाट्सएप के माध्यम से सूचित कर सकेंगे। सागर और मंदसौर के जिला आदेशों में भिन्नता के बाद सुधार के निर्देश दिए गए हैं।
महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) पेपर लीक मामले में सोलापुर के एक भर्ती प्रशिक्षण केंद्र के मालिक प्रकाश पवार को गिरफ्तार किया गया है। इस गिरफ्तारी के साथ, मामले में पकड़े गए आरोपियों की संख्या 16 हो गई है। भिवंडी पुलिस ने पवार के पास से 26 परीक्षा से जुड़े पेपर सेट बरामद किए हैं, जिनमें से छह सीधे टीईटी परीक्षा से संबंधित बताए गए हैं। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि इन पेपरों का उपयोग लीक सामग्री को अभ्यर्थियों तक पहुंचाने के लिए किया गया था या नहीं। पवार को 15 अगस्त तक पुलिस हिरासत में भेजा गया है।
जबलपुर में सांदीपनि स्कूलों में पदस्थ शिक्षकों को विकासखंड अकादमिक समन्वयक (बीएसी) और जनशिक्षक पदों के लिए अपात्र घोषित किया गया है। यह निर्णय शिक्षा विभाग, भोपाल से मिले निर्देशों के बाद जिला स्तर पर लिया गया। पहली काउंसलिंग में शामिल होने पहुंचे सांदीपनि शिक्षकों को भोपाल स्थित शिक्षा विभाग ने स्पष्ट रूप से मना कर दिया था। जिला परियोजना समन्वयक योगेश शर्मा ने बताया कि सांदीपनि शिक्षकों की नियुक्ति विशेष परीक्षा प्रक्रिया से होती है, जिससे वे इन पदों के लिए अपात्र हैं।
मध्य प्रदेश में नीट यूजी 2026-27 की राज्य स्तरीय संयुक्त काउंसलिंग के लिए चिकित्सा शिक्षा संचालनालय ने सरकारी स्कूल कोटा के तहत नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत, कक्षा 6 से 12 तक शासकीय विद्यालयों में अध्ययन का प्रमाण और मूल अंकपत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। निर्धारित दस्तावेज न दिखाने पर सीट रद्द हो सकती है। प्रदेश में कुल 4900 एमबीबीएस सीटें हैं, जिनमें से लगभग 245 सीटें सरकारी स्कूल कोटे के लिए आरक्षित हैं। पहले दौर की काउंसलिंग के लिए ऑनलाइन पंजीकरण 13 अगस्त तक चलेगा, और सीट आवंटन परिणाम 20 अगस्त को जारी होगा।
स्कूल शिक्षा विभाग ने प्राथमिक शिक्षक नियुक्ति-2026 में चयनित अभ्यर्थियों को पारस्परिक जिला परिवर्तन की सुविधा देने का निर्णय लिया है। यह व्यवस्था उन अभ्यर्थियों के लिए है जिन्हें पारिवारिक, सामाजिक या चिकित्सीय कारणों से आवंटित जिले या विद्यालय में कार्यभार ग्रहण करने में कठिनाई हो रही है। यह सुविधा समान श्रेणी के दो चयनित अभ्यर्थियों की आपसी सहमति पर ही मिलेगी। लोक शिक्षण संचालनालय के आयुक्त ने 13,089 पदों पर चयनित अभ्यर्थियों को 10 और 11 अगस्त को ऑनलाइन आवेदन करने के आदेश दिए हैं। इस प्रक्रिया से किसी अन्य अभ्यर्थी के चयन, मेरिट या आरक्षण पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।
प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा-2025 में दस्तावेज सत्यापन के दौरान स्कूल शिक्षा विभाग के नियमों को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया है। कर्मचारी चयन मंडल की मूल अधिसूचना में डीएलएड और बीएलएड के अंतिम वर्ष के छात्रों को आवेदन की अनुमति थी, बशर्ते उनके दस्तावेज सत्यापन के समय उपलब्ध हों। हजारों छात्रों ने आवेदन किया और 800 का चयन भी हुआ। अब विभाग आवेदन की अंतिम तिथि तक डिग्री पूरी होने की मांग कर रहा है, जिससे कई अभ्यर्थी बाहर हो रहे हैं। अभ्यर्थी इसे नियमों के विपरीत मानकर न्यायालय जाने और प्रदर्शन करने की तैयारी में हैं।
मल्हारगढ़ में सांदीपनि सीएम राइज स्कूल के अनुसूचित जाति सीनियर बालक छात्रावास के लगभग 30 छात्रों को प्रतिदिन 3 किलोमीटर पैदल चलकर स्कूल जाना पड़ता है, क्योंकि स्कूल बसें उनके छात्रावास के सामने से निकलने के बावजूद उन्हें नहीं बैठातीं। इससे छात्रों के दो घंटे बर्बाद होते हैं और उनकी पढ़ाई प्रभावित होती है। छात्रों को बारिश में भीगने, पुस्तकों के खराब होने और सड़क दुर्घटनाओं का डर बना रहता है। प्राचार्य अशोक वाघेला ने स्वीकार किया कि बसों में जगह की कमी है और एक-दो दिन में नई बस की व्यवस्था का आश्वासन दिया है। कांग्रेस ने इसे छात्रों के साथ अन्याय बताया है।
भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) ने देवास के पीएम कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस लीड केपी कॉलेज में बीकॉम प्रथम वर्ष के 30 से अधिक विद्यार्थियों को शून्य अंक व पूरक दिए जाने के विरोध में मंगलवार को प्रदर्शन किया। संगठन ने विश्वविद्यालय स्तर पर शुल्क वृद्धि का भी विरोध किया। छात्र नेताओं ने भोपाल चौराहे से रैली निकालकर प्राचार्य डॉ. रतन सिंह अनारे के कक्ष तक नारेबाजी की। विरोध के दौरान कई कार्यकर्ताओं ने कटोरा लेकर भीख मांगी और एकत्र सिक्के प्राचार्य को सौंपकर कुलपति को भेजने का आग्रह किया।
मध्य प्रदेश में सरकारी और निजी मेडिकल व डेंटल कॉलेजों में एमबीबीएस और बीडीएस पाठ्यक्रमों की नीट यूजी-2026 काउंसलिंग की तैयारियां शुरू हो गई हैं। चिकित्सा शिक्षा संचालनालय ने आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। सरकारी स्कूलों से कक्षा छठी से 12वीं तक नियमित पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को पांच प्रतिशत आरक्षण मिलेगा। निजी मेडिकल कॉलेजों में मैनेजमेंट कोटा नहीं रहेगा। पंजीयन शुल्क 1100 रुपये है, और च्वाइस लॉकिंग के लिए 100 रुपये पोर्टल शुल्क लगेगा। द्वितीय चरण में अपग्रेडेशन के लिए 500 रुपये का नोटरीकृत शपथ पत्र देना होगा।