उच्च शिक्षा विभाग ने राज्य के विश्वविद्यालयों और शासकीय-अशासकीय महाविद्यालयों के लिए नया शैक्षणिक कैलेंडर जारी किया है, जिसमें परीक्षा पूर्व तैयारी अवकाश (प्रिपरेटरी लीव) को अनिवार्य किया गया है। इस निर्णय से विद्यार्थियों को वार्षिक और सेमेस्टर परीक्षाओं से पहले अपनी तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिलेगा, जिससे वे बिना नियमित कक्षाओं के दबाव के बेहतर अध्ययन कर सकेंगे। विभाग के अनुसार, इसका उद्देश्य पाठ्यक्रम का पुनरावलोकन, कमजोर विषयों पर ध्यान केंद्रित करना और परीक्षा तनाव को कम करना है। प्रायोगिक परीक्षाएं 5 से 20 मार्च 2027 के बीच होंगी।
नेशनल लॉ यूनिवर्सिटीज़ के कंसोर्टियम ने CLAT-2027 की परीक्षा तिथि 6 दिसंबर 2026 घोषित की है, जिसके लिए ऑनलाइन आवेदन 3 अगस्त से 31 अक्टूबर 2026 तक चलेंगे। कंसोर्टियम ने CLAT-2028 के परीक्षा पैटर्न में संभावित बदलावों की प्रक्रिया भी शुरू की है, जिस पर 31 अगस्त 2026 तक सुझाव मांगे गए हैं। CLAT-2027 के पैटर्न में कोई बदलाव नहीं होगा, और उम्मीदवारों को मौजूदा प्रारूप के अनुसार तैयारी जारी रखने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञ समिति ने करेंट अफेयर्स सेक्शन हटाने, प्रश्नों की संख्या घटाने और लीगल एप्टीट्यूड व लॉजिकल रीजनिंग को एक करने जैसे अहम बदलाव सुझाए हैं।
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 10वीं की सेकंड बोर्ड परीक्षा 2026 के परिणाम जारी कर दिए हैं, जिसमें 96.78% छात्र उत्तीर्ण हुए हैं। मुख्य परीक्षा के बाद लगभग 6.7 लाख छात्रों ने इस परीक्षा के लिए आवेदन किया था। बोर्ड ने प्रतिस्पर्धा का दबाव कम करने के उद्देश्य से रैंक या टॉपर सूची जारी न करने का निर्णय लिया है। मेरिट सर्टिफिकेट DigiLocker के माध्यम से उपलब्ध होंगे। यह परीक्षा छात्रों को प्रदर्शन सुधारने का दूसरा मौका देने के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत शुरू की गई है।
देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ एजुकेशन के एमएड तीसरे सेमेस्टर के छात्रों ने असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. परीनीता रत्नपारखी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्रों का कहना है कि शिक्षिका ने एजुकेशन एडमिनिस्ट्रेशन विषय की कक्षाएं नहीं लीं, जिससे पाठ्यक्रम अधूरा रह गया, फिर भी उन्हें परीक्षा के लिए मजबूर किया गया। परीक्षा न देने पर छात्रों को फेल कर दिया गया। विद्यार्थियों ने कुलगुरु डॉ. राकेश सिंघई और कुलसचिव प्रज्वल खरे से शिकायत कर निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका दावा है कि इस विवाद से उनके यूजीसी-नेट और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पर नकारात्मक असर पड़ रहा है।