शिवपुरी जिले के कोलारस स्थित ग्राम धामनटूक में सात वर्षीय अंशुल धाकड़ की पेट दर्द से मृत्यु हो गई। अंशुल जवाहर नवोदय विद्यालय की तैयारी के लिए अपनी दादी शांति बाई के साथ रहता था। पोते की मृत्यु का समाचार मिलने पर दादी शांति बाई ने भी अस्पताल में दम तोड़ दिया। परमाल धाकड़ के इकलौते बेटे अंशुल और दादी की एक साथ अर्थी उठने से पूरे गांव में शोक छा गया।
शिवपुरी में शुक्रवार देर रात हल्की बारिश के बाद स्टेडियम के पास एक तालाब से निकलकर करीब छह फीट लंबा मगरमच्छ सड़क पर आ गया। इस घटना से राहगीरों और स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया, और वे बड़ी संख्या में मौके पर जमा हो गए। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और मगरमच्छ को सुरक्षित तरीके से पकड़कर एक सुरक्षित स्थान पर ले गई। विशेषज्ञों के अनुसार, बारिश के मौसम में जलस्तर बढ़ने के कारण मगरमच्छों का बाहर आना सामान्य है, और उनसे दूरी बनाए रखना महत्वपूर्ण है। पिछले साल भी ऐसी घटनाएं सामने आई थीं।
शिवपुरी के सिरसौद थाना क्षेत्र में शिव मंदिर में भगवान की मूर्ति को झाड़ू मारने और गाली देने का वीडियो वायरल होने के बाद तनाव फैल गया। पुलिस ने आरोपित सोनू उर्फ मिठुआ जाटव को धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इसके बावजूद, हिंदू संगठनों ने पोहरी बस स्टैंड चौराहे पर एक घंटे तक चक्काजाम किया, जिससे यातायात बाधित रहा। राष्ट्रीय सनातन सेना के प्रदेश उपाध्यक्ष पुष्पेंद्र शर्मा ने खंडित मूर्ति की तत्काल पुनर्स्थापना की मांग की। पुलिस अधिकारियों की समझाइश के बाद चक्काजाम समाप्त हुआ।
राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग ने मध्य प्रदेश के शिवपुरी में एक शिक्षक द्वारा अनुसूचित जनजाति के छात्र की पिटाई के मामले का संज्ञान लिया है। यह घटना 27 जुलाई को शासकीय प्राथमिक विद्यालय उकावल में हुई थी। आयोग ने राज्य के मुख्य सचिव और शिवपुरी के पुलिस अधीक्षक से दो सप्ताह में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। दर्ज एफआईआर में शिक्षक पर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करने और 8 वर्षीय छात्र को छड़ी से पीटने का आरोप है। पुलिस जांच जारी है और संबंधित विभाग भी कार्रवाई पर विचार कर रहे हैं।
शिवपुरी के अमोला थानांतर्गत ग्राम सिरसौद में अघोषित बिजली कटौती के विरोध में 27 जुलाई को हुए चक्काजाम के मामले में सरपंच अतर सिंह लोधी सहित 60 लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई थी। शुक्रवार को इसी मामले में गिरफ्तार तीन ग्रामीणों राहुल सेन, हेमंत लोधी और सुमित साहू को करैरा तहसील न्यायालय ने जेल भेजने का आदेश दिया। इस पर सरपंच अतर सिंह लोधी नाराज होकर तहसीलदार के वाहन के नीचे लेट गए। लगभग एक घंटे के घटनाक्रम के बाद तीनों ग्रामीणों को जमानत मिल गई।
शिवपुरी की शांति नगर कॉलोनी में एक पालतू लेब्रा डॉग को पड़ोसी के प्लाट में घुसने पर डंडों से पीट-पीटकर मार दिया गया। फरियादिया प्रीति परिहार ने बताया कि उनका कुत्ता 31 जुलाई 2026 की शाम घर से लापता हो गया था। बाद में उन्हें पता चला कि गोलू खटीक और उसके ड्राइवर अभिषेक रजक ने कुत्ते को पीटकर मार डाला। घटना के बाद, प्रीति ने कुत्ते के शव के साथ फिजिकल थाने में प्रदर्शन किया। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। दोषी पाए जाने पर पांच साल तक की कैद या जुर्माने का प्रावधान है।
शिवपुरी जिले के कोलारस एसडीएम कार्यालय में 28 जुलाई को पटवारी प्रदीप गुप्ता ने नशे की हालत में संदिग्ध पदार्थ खा लिया, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। पटवारी ने आठ महीने से वेतन न मिलने को आत्मघाती कदम का कारण बताया। हालांकि, कोलारस एसडीएम अनूप श्रीवास्तव ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि पटवारी पर दस विभागीय जांचें लंबित हैं और उन्होंने कार्रवाई से बचने तथा प्रशासन पर दबाव बनाने के लिए यह नाटक रचा है। एसडीएम ने वेतन देरी का कारण भी स्पष्ट किया, जिसमें पटवारी की अनुपस्थिति और डीडीओ आईडी जनरेट न होना शामिल है, और बताया कि पटवारी का वेतन 29 जुलाई को जनरेट हो चुका है।
शिवपुरी के सिरसौद ग्राम पंचायत में 29 जुलाई को ग्रामीणों ने अघोषित बिजली कटौती के विरोध में ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर की सांकेतिक शव यात्रा निकाली। ग्रामीणों ने मुख्य बस स्टैंड पर अर्थी का अंतिम संस्कार कर इसे अपनी ‘उम्मीदों का अंतिम संस्कार’ बताया। उनका आरोप है कि कई ज्ञापन सौंपने और निवेदन करने के बावजूद बिजली संकट का समाधान नहीं हो रहा है, जिससे फसलें सूख रही हैं और रातें काली हो रही हैं। सरपंच ने घटना की पुष्टि की, जबकि पुलिस ने कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
शिवपुरी के लुकवासा बायपास पर सोमवार दोपहर डीजल से भरा एक टैंकर पलट गया, जिससे सड़क पर डीजल बहने लगा। राहगीरों और स्थानीय लोगों ने जान जोखिम में डालकर केबिन में फंसे चालक और क्लीनर को बाहर निकाला। गंभीर रूप से घायल चालक पवन को जिला अस्पताल रेफर किया गया। इसके तुरंत बाद, आसपास के गांवों से ग्रामीण बाल्टी और डिब्बे लेकर बहते डीजल को लूटने पहुंच गए। पुलिस के पहुंचने तक हाईवे पर डीजल लूट का सिलसिला जारी रहा। पुलिस ने लोगों को हटाकर टैंकर को कब्जे में लिया। जांच में सामने आया है कि टैंकर पर किसी बड़ी तेल कंपनी का लोगो नहीं था, जिससे डीजल के स्रोत और गंतव्य पर सवाल खड़े हो गए हैं।