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इंदौर में बिजली कंपनी अधीक्षण यंत्री शिवराम सेमिल की संपत्ति 17 करोड़ पहुंची, वेतन से 600 गुना अधिक

इंदौर में पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अधीक्षण यंत्री शिवराम सेमिल के ठिकानों पर लोकायुक्त के छापे में उनकी संपत्ति 17 करोड़ रुपये आंकी गई है, जो उनके वेतन से 600 गुना अधिक है। इस दौरान 300 ग्राम सोना और 4 किलो चांदी भी बरामद हुई। उनके बेटों की बिजली उपकरण से संबंधित कंपनियों को ठेकेदारों पर दबाव डालकर लाभ पहुँचाने का आरोप है। शुभम इलेक्ट्रिकल कंपनी के खातों में 62 लाख रुपये मिले हैं। लोकायुक्त ने विभागीय कार्रवाई के लिए बिजली कंपनी को जानकारी भेजी है, और जांच जारी है।

अधीक्षण यंत्री शिवराम सेमिल पर आय से अधिक संपत्ति का मामला, 17.12 करोड़ के व्यय के साक्ष्य मिले

मध्य प्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अधीक्षण यंत्री शिवराम सेमिल पर आय से अधिक संपत्ति के मामले में लोकायुक्त की जांच तेज हो गई है। प्रारंभिक तलाशी के बाद अब तक शिवराम और उनके परिवार द्वारा चल-अचल संपत्तियों पर लगभग 17.12 करोड़ रुपये व्यय किए जाने के प्रथम दृष्टया साक्ष्य मिले हैं। लोकायुक्त ने आरोपित, उसके परिवार और संबंधित कंपनियों के बैंक खातों को फ्रीज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके अतिरिक्त, आयकर विभाग, सेबी और बिजली कंपनी से भी विस्तृत जानकारी मांगी गई है। मुरैना में भी 7.51 लाख रुपये की संपत्ति और 50 लाख रुपये मूल्य का मकान सहित अन्य कृषि भूमि का ब्योरा मिला है।

विद्युत कंपनी के अधीक्षण यंत्री शिवराम सेमिल पर लोकायुक्त का शिकंजा, 7.16 करोड़ की आय से अधिक संपत्ति का खुलासा

इंदौर लोकायुक्त पुलिस ने मध्य प्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अधीक्षण यंत्री शिवराम सेमिल के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। इंदौर, पीथमपुर, धार और मुरैना में नौ ठिकानों पर छापेमारी की गई। प्रारंभिक जांच में सेमिल और उनके परिजनों के नाम पर लगभग 7.16 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति का खुलासा हुआ, जो उनकी वैध आय से 258 प्रतिशत अधिक है। लोकायुक्त ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू कर दी है।

बिजली कंपनी अधीक्षण यंत्री के घर लोकायुक्त कार्रवाई, 7.16 करोड़ की आय से अधिक संपत्ति उजागर

इंदौर लोकायुक्त टीम ने बिजली कंपनी के अधीक्षण यंत्री शिवराम सेमिल के घर पर आय से अधिक संपत्ति की शिकायत पर कार्रवाई की। जांच में सामने आया कि 33 साल की नौकरी के दौरान उन्होंने अपनी कुल आय 2 करोड़ रुपये के मुकाबले 6.5 करोड़ रुपये खर्च किए, जिससे 7.16 करोड़ रुपये की आय से अधिक संपत्ति का खुलासा हुआ, जो उनकी ज्ञात आय का 258 प्रतिशत है। कार्रवाई के दौरान करोड़ों की फैक्ट्रियां, घर, प्लॉट, कार्यालय और एक इलेक्ट्रिक कार सहित सोने-चांदी के आभूषण और नकद भी मिले हैं।

बिजली कंपनी के अधीक्षण यंत्री शिवराम सेमिल के ठिकानों पर लोकायुक्त का छापा, वैध आय से 258% अधिक संपत्ति मिली

मध्य प्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अधीक्षण यंत्री शिवराम सेमिल के इंदौर, पीथमपुर, धार और मुरैना स्थित नौ ठिकानों पर लोकायुक्त पुलिस ने छापामार कार्रवाई की। जांच में सेमिल के पास वैध आय से 258 प्रतिशत अधिक, लगभग सात करोड़ सोलह लाख रुपये से अधिक की संपत्ति और निवेश का खुलासा हुआ है। यह संपत्ति उनके 33 वर्ष के सेवाकाल में अर्जित शुद्ध वेतन दो करोड़ रुपये से काफी अधिक है। लोकायुक्त ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, जिसमें करोड़ों की अचल संपत्ति, फर्मों में निवेश और सोने-चांदी की बरामदगी शामिल है।