सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को तमिलनाडु सरकार की कावेरी जल विवाद से संबंधित याचिका पर 13 अगस्त को सुनवाई करने पर सहमति जताई, जिसमें कर्नाटक से पानी छोड़ने की मांग की गई है। इसके अतिरिक्त, अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे के कथित गबन की जांच संबंधी याचिकाओं पर सुनवाई सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की अनुपलब्धता के कारण टालने के अनुरोध को भी कोर्ट ने स्वीकार किया। वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने शिवसेना (यूबीटी) की उस याचिका पर सुनवाई दो हफ्ते के लिए स्थगित कर दी, जिसमें उसके छह सांसदों के महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में विलय को लोकसभा अध्यक्ष की मंजूरी को चुनौती दी गई है।
शिवसेना (यूबीटी) ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी पर हुआ हमला केवल एक व्यक्तिगत राजनीतिक हस्ती पर नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक ताने-बाने पर सीधा प्रहार है। पार्टी के मुखपत्र ‘सामना’ में कहा गया कि पत्थरों और लाठियों से लैस भीड़ ने उनके वाहन को घेरा, जिसका उद्देश्य एक सशक्त विपक्षी आवाज को खत्म करना था। संपादकीय ने केंद्र सरकार के रवैये में विरोधाभास पर सवाल उठाए, जिसमें राजनीतिक हिंसा के बावजूद केंद्रीय बलों की तैनाती में अनिच्छा और राज्य में कानून व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति पर चिंता व्यक्त की गई।
दिल्ली में राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और प्रियंका गांधी वाड्रा सहित विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में विरोध मार्च निकाला। यह प्रदर्शन 20 जुलाई को सीजेपी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ ‘पुलिस कार्रवाई’ को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के विरोध में किया गया। सांसदों ने गांधी प्रतिमा से मकर द्वार तक मार्च किया। कांग्रेस सांसदों ने गृह मंत्री से संसद में घटना पर बयान देने और जवाबदेही तय करने की मांग की। शिव सेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने गृह मंत्री की सदन में अनुपस्थिति पर सवाल उठाए।
इंदौर में शिवसेना नेता रमेश साहू हत्याकांड में सेशन कोर्ट ने बुधवार को फैसला सुनाया। अपर सत्र न्यायाधीश आलोक कुमार मिश्रा ने तीन हत्यारों, विजय उर्फ इज्जू, सुनील चौहान और प्रेम सिंह को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोषियों पर अर्थदंड भी लगाया। यह वारदात 2 सितंबर 2020 को हुई थी, जब आरोपियों ने नाईन नाईस रेस्टोरेंट में लूट के इरादे से घुसकर रमेश साहू की गोली मारकर हत्या कर दी थी और उनकी पत्नी व बेटी से मारपीट कर गहने लूटे थे। पुलिस ने आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया था, और छह साल चले इस प्रकरण में अभियोजन ने कई गवाहों के बयान दर्ज कराए थे।