ग्वालियर के केआरएच अस्पताल के बाल एवं शिशु रोग विभाग में मंगलवार सुबह एक बड़ा हादसा टल गया। वार्ड नंबर तीन में छत का प्लास्टर गिरने से 2 माह की बच्ची खुशी को हल्की चोटें आईं। यह हादसा तब हुआ जब ढाई वर्षीय शिवम को उसकी मां दूसरे पलंग पर ले गई थीं और खुशी को शिवम के पलंग पर लिटाया गया था। अस्पताल स्टाफ ने बच्चों को तुरंत पीआईसीयू ले जाकर जांच कराई, जहां उनकी स्थिति सामान्य पाई गई। इस घटना ने अस्पताल भवनों के रखरखाव और मरीजों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अस्पताल प्रबंधन ने मरम्मत कार्य शुरू करने की बात कही है।
मध्य प्रदेश में गर्भवती महिलाओं को अब सरकारी अस्पतालों में सुविधा न मिलने पर निजी केंद्रों में मुफ्त सोनोग्राफी की सुविधा मिलेगी। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम के तहत यह नई व्यवस्था शुरू की है। यह पूरी प्रक्रिया डिजिटल और कैशलेस होगी, जिसका पूरा खर्च सरकार उठाएगी। सरकारी अस्पताल के डॉक्टर की सलाह पर ई-वाउचर के माध्यम से महिलाएं सात दिनों के भीतर किसी भी अधिकृत निजी सेंटर पर जांच करवा सकेंगी। इसका उद्देश्य समय पर बीमारियों की पहचान कर मातृ-शिशु मृत्यु दर को कम करना है।