बालाघाट के वारासिवनी में 40 वर्षीय धारासिंह मड़ावी ने 29-30 जुलाई की रात अपने नवजात नाती को घर के पीछे गोबर के गड्ढे में दफना दिया। वारासिवनी पुलिस को सूचना मिलने पर 31 जुलाई की रात एसडीओपी अभिषेक चौधरी मौके पर पहुंचे। 1 अगस्त की सुबह नायब तहसीलदार, डॉक्टर और पुलिस की मौजूदगी में शव निकाला गया, जिसके गले और मुंह में कपड़ा बंधा था। पड़ोसियों के संदेह और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की जानकारी के बाद घटना का खुलासा हुआ। धारासिंह मड़ावी ने कीटनाशक का सेवन कर लिया है और उनका उपचार जिला अस्पताल में चल रहा है। पुलिस मामले में अग्रिम कार्रवाई कर रही है।