भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (आइसर) भोपाल और मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (मैनिट) के विज्ञानियों के एक एआई अध्ययन से खुलासा हुआ है कि भोपाल का बड़ा तालाब वर्ष 2050 के प्री-मानसून सीजन तक 40 से 60 प्रतिशत तक सिकुड़ सकता है। यह शोध रिमोट सेंसिंग और कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग कर 1980 से 2024 तक के आंकड़ों पर आधारित है। अध्ययन चेतावनी देता है कि वैश्विक तापमान में 2 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि से तालाब का जलभराव क्षेत्र 40 प्रतिशत तक घट जाएगा, जिसका सबसे अधिक असर मई-जून में दिखेगा।
एक नए अध्ययन में सामने आया है कि पसंदीदा राजनीतिक दल की हार के बाद मतदाताओं का सामाजिक भरोसा घट जाता है। शोध रिपोर्ट के अनुसार, कई बार मतदाता इतने खिन्न हो जाते हैं कि उन्हें अपने दोस्त और रिश्तेदार भी दुश्मन जैसे लगने लगते हैं। यह राजनीतिक आक्रामकता, जो अक्सर चुनाव के दौरान नुक्कड़-चौराहों पर गर्मागर्म बहस के रूप में दिखती है, चुनाव परिणामों के बाद आपसी संबंधों को भी प्रभावित कर सकती है, जिससे रिश्ते खराब हो सकते हैं। यह अध्ययन राजनीतिक हार के बाद व्यक्तिगत और सामाजिक संबंधों पर पड़ने वाले गहरे प्रभाव को उजागर करता है।
महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय द्वारा विकसित शिक्षा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के संगम पर एक नवाचार को भारत सरकार ने मान्यता दी है। डॉ. देव रस पाण्डेय के नेतृत्व में तैयार यह एआई आधारित डिवाइस विद्यार्थियों की सीखने की गति, रुचि और कमजोरियों का विश्लेषण कर उनकी आवश्यकता के अनुरूप अध्ययन सामग्री व मार्गदर्शन उपलब्ध कराएगा। विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. आलोक चौबे ने इसे संस्थान के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह तकनीक विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक समान पहुंच सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।