दतिया विधानसभा उपचुनाव में हार के बाद भाजपा के सामने जिले में संगठन का पुनर्गठन और नए जिलाध्यक्ष का चयन बड़ी चुनौती है। पार्टी एक ऐसे नेता की तलाश में है जो पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा के प्रभाव का सामना कर सके। आशुतोष तिवारी और पूर्व विधायक घनश्याम पिरौनिया जिलाध्यक्ष पद के प्रमुख दावेदार हैं। अनुसूचित वर्ग के महत्व को देखते हुए पिरौनिया एक मजबूत विकल्प हो सकते हैं। इस बीच, मिश्रा समर्थकों पर शुरू हुई संगठनात्मक कार्रवाई से पार्टी में हलचल है, जिस पर प्रदेश नेतृत्व सख्त रुख अपनाए हुए है।