मध्य प्रदेश कांग्रेस की पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी (PAC) की महत्वपूर्ण बैठक मंगलवार को भोपाल में होगी। इसका मुख्य एजेंडा संगठन सृजन और जमीनी स्तर पर पार्टी को मजबूत करना है। प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी कार्यों की समीक्षा करेंगे। बैठक में जीतू पटवारी और उमंग सिंघार सहित कई सदस्य शामिल होंगे। हालांकि, पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ अस्वस्थता के कारण, जबकि दिग्विजय सिंह और अरुण यादव विदेश में होने के चलते अनुपस्थित रहेंगे। दतिया चुनाव और नगरीय निकाय चुनाव की तैयारियों पर भी चर्चा होगी। यूथ कांग्रेस, एनएसयूआई और महिला कांग्रेस की गतिविधियों की भी समीक्षा की जाएगी।
मध्य प्रदेश कांग्रेस की राजनीतिक मामलों की समिति (पीएसी) की पांच घंटे चली बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इसमें पार्टी की प्रदेश कार्यकारिणी (पीसीसी) को इसी सप्ताह भंग करने का फैसला शामिल है, जिसके बाद एक से दो माह में नई कार्यकारिणी का गठन होगा। बैठक में युवाओं (जेन-जी) पर लगभग ढाई घंटे तक गहन चर्चा हुई, जिसके तहत जबलपुर या इंदौर में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम आयोजित करने की योजना है, जिसमें राहुल गांधी को भी बुलाने की तैयारी है। इसके अतिरिक्त, अनुशासनहीनता पर कड़ी कार्रवाई और आगामी नगरीय निकाय चुनावों की रणनीति पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
दतिया भाजपा में विधानसभा उपचुनाव में हार के बाद संगठनात्मक बदलाव की कवायद तेज हो गई है। पार्टी ने जिला कार्यकारिणी भंग कर दी है और नए जिलाध्यक्ष के चयन पर मंथन कर रही है। आशुतोष तिवारी और घनश्याम पिरोनिया प्रमुख दावेदार हैं, जिनके सामने 2028 के विधानसभा चुनाव में टिकट की चुनौती भी है। पार्टी नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों को महत्वपूर्ण पदों से दूर रखने की रणनीति पर विचार कर रही है, साथ ही ब्राह्मण, व्यापारी, दलित और कुशवाह जैसे सामाजिक समीकरणों को साधने का प्रयास कर रही है। आगामी नगरीय निकाय चुनावों से पहले संगठन को मजबूत करना एक बड़ी चुनौती है।
विश्व हिंदू परिषद (विहिप) महाकौशल प्रांत की कटनी में हुई दो दिवसीय बैठक में जबलपुर के तीन पदाधिकारियों, पंकज श्रीवात्री, सुमित ठाकुर और रोहित ठाकुर को उनके दायित्वों से मुक्त कर सामान्य कार्यकर्ता बनाया गया। उनकी कार्यप्रणाली को लेकर मिली शिकायतों के बाद यह निर्णय लिया गया। यतीन्द्र उपाध्याय को प्रांत सेवा प्रमुख की जिम्मेदारी सौंपी गई। बैठक में कुटुंब प्रबोधन और सामाजिक समरसता जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई और संगठन को मजबूत बनाने का संकल्प लिया गया।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) अपने मालवा प्रांत में मार्च अगले वर्ष से संगठनात्मक बदलाव करने जा रहा है। वर्ष 2009 में इंदौर और उज्जैन संभागों को मिलाकर मालवा प्रांत का गठन किया गया था। इस बदलाव के बाद ‘प्रांत प्रचारक’ के स्थान पर ‘संभाग प्रचारक’ का पद होगा। यह निर्णय पांच माह पूर्व हरियाणा में हुई आरएसएस की बैठक में लिया गया था। संघ का ध्यान अब युवा और सोशल इंजीनियरिंग पर केंद्रित है। इस पुनर्गठन के बाद प्रदेश में 11 संभाग होंगे, जिससे नए पदाधिकारी बनेंगे और उनके संपर्क बढ़ेंगे। इंदौर और उज्जैन संभागों के लिए अलग कार्यालय संचालित होंगे।
दतिया विधानसभा उपचुनाव में हार के बाद भाजपा को जिले में नए सिरे से संगठन की संरचना और जिलाध्यक्ष का चयन करना पड़ रहा है। पार्टी पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा के प्रभाव से मुक्त एक मजबूत नेतृत्व की तलाश में है। जिलाध्यक्ष पद के लिए वरिष्ठ भाजपा नेता आशुतोष तिवारी और पूर्व विधायक घनश्याम पिरौनिया के नामों पर विचार किया जा रहा है। तिवारी के पास संगठन को खड़ा करने का अनुभव है, वहीं पिरौनिया अनुसूचित वर्ग के प्रतिनिधित्व के कारण महत्वपूर्ण दावेदार हैं, जिसकी दतिया विधानसभा में 23.8 प्रतिशत हिस्सेदारी है। इस बीच, डॉ.
दतिया उपचुनाव के बाद कांग्रेस और भाजपा दोनों ही अपने प्रदेश संगठनों में बड़े बदलाव कर रही हैं। कांग्रेस ने आठ जिला अध्यक्षों को हटाने और 253 सदस्यीय प्रदेश कार्यकारिणी का पुनर्गठन करने की तैयारी की है, क्योंकि कई सदस्य निष्क्रिय पाए गए हैं। वहीं, भाजपा भी कमजोर प्रदर्शन, चावल घोटाले और संगठनात्मक कार्यों में अपेक्षित परिणाम न मिलने के कारण 12 जिला अध्यक्षों पर कार्रवाई कर सकती है। दतिया उपचुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले अवधेश नायक को प्रदेश कांग्रेस महासचिव नियुक्त किया गया है।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) ने मध्य प्रदेश कांग्रेस संगठन में बड़े बदलाव के तहत प्रदेश कांग्रेस के सभी विभागों, प्रकोष्ठों और उनकी सभी स्तर की इकाइयों को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है। प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी द्वारा जारी आदेश में बताया गया है कि यह निर्णय एआईसीसी के निर्देशों और संगठनात्मक पुनर्गठन की प्रक्रिया के तहत लिया गया है। इस कदम को मध्य प्रदेश कांग्रेस में व्यापक पुनर्गठन की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिसके बाद नए सिरे से विभागों और प्रकोष्ठों का गठन किया जाएगा। आदेश की प्रतिलिपि कांग्रेस के शीर्ष नेताओं को भी भेजी गई है।
दतिया विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस से हार के बाद प्रदेश भाजपा ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दतिया जिला संगठन को पूरी तरह भंग कर दिया है। मंगलवार को भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष की समीक्षा बैठक हुई, जिसमें दतिया प्रत्याशी आशुतोष तिवारी ने स्थानीय स्तर पर कथित भीतरघात और निष्क्रियता का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोपों के समर्थन में व्हाट्सएप चैट और कॉल रिकॉर्ड जैसे दस्तावेज प्रस्तुत किए। इसके बाद प्रदेश नेतृत्व ने जिला भाजपा कार्यकारिणी सहित सभी मोर्चों और प्रकोष्ठों की जिला इकाइयों को तत्काल प्रभाव से भंग करने का आदेश जारी कर दिया।
मध्य प्रदेश कांग्रेस के संगठन को मजबूत करने के उद्देश्य से संगठन सृजन अभियान के तहत नियुक्त जिला अध्यक्षों के कामकाज की समीक्षा दिल्ली में महासचिव केसी वेणुगोपाल ने की। समीक्षा के दौरान यह स्पष्ट किया गया कि कमजोर प्रदर्शन करने वाले जिला अध्यक्षों को पद से हटाया जाएगा और उनके स्थान पर नई नियुक्तियां की जाएंगी। सूत्रों के अनुसार, महाकोशल, ग्वालियर-चंबल और भोपाल संभाग क्षेत्र के छह जिला अध्यक्षों को जल्द ही हटाया जा सकता है। पार्टी में कुल 71 शहर और ग्रामीण जिला इकाई अध्यक्ष हैं।