इंदौर में संपदा 2.0 सॉफ्टवेयर की ऑनलाइन मैपिंग में गड़बड़ी के कारण संपत्ति रजिस्ट्रियां प्रभावित हो रही हैं। कई कॉलोनियों की लोकेशन गलत दर्ज होने से गाइडलाइन दरें बदल रही हैं और दस्तावेज सत्यापन पूरा नहीं हो पा रहा है। यह समस्या संपदा 2.0 की शुरुआत से पहले जल्दबाजी में की गई मैपिंग का परिणाम है। संपत्ति खरीदार सुधार के लिए पंजीयन कार्यालय पहुंच रहे हैं। तकनीकी सुधार के लिए आवेदनों को भोपाल भेजा जाता है, जिसमें चार से पांच दिन लगते हैं, जिससे रजिस्ट्री कार्य बाधित होता है। अधिकारियों के अनुसार, अधिकांश स्थानों पर सुधार कर दिया गया है।