मप्र विद्युत कर्मचारी संगठन ने भोपाल में आउटसोर्स कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन किया। प्रदेश अध्यक्ष शिवनारायण राजपूत के नेतृत्व में हजारों कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से समय मांगा और ज्ञापन सौंपा। उनकी प्रमुख मांगों में संविदा कर्मचारी का दर्जा, हरियाणा की तर्ज पर सेवा सुरक्षा नीति, ₹50 लाख का बीमा कवर, आश्रित को नौकरी और जोखिम भत्ते में वृद्धि शामिल हैं। कर्मचारियों ने बैठकों में मिले आश्वासनों के बावजूद मांगों का निराकरण न होने पर नाराजगी व्यक्त की और शीघ्र निर्णय न होने पर आंदोलन को व्यापक करने की चेतावनी दी।
राज्यमंत्री कृष्णा गौर ने विधानसभा में बताया कि 10 वर्ष से अधिक का अनुभव रखने वाले संविदा कर्मचारियों को नियमित पदों पर संविलियन की प्रक्रिया जारी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 30 जनवरी 2026 को इसकी घोषणा की थी। संविदा कर्मियों को ग्रेच्युटी, अंशदायी पेंशन, स्वास्थ्य बीमा और अनुकंपा नियुक्ति जैसे लाभ मिलेंगे, साथ ही महिला संविदाकर्मी प्रसूति अवकाश की पात्र होंगी। हालांकि, चाइल्ड केयर लीव का प्रविधान नहीं है। विधायक अनुभा मुंजारे ने प्रक्रिया में देरी पर चिंता व्यक्त की थी।