मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक पारित होने के बाद उससे संबंधित एक जनहित याचिका जबलपुर हाई कोर्ट से वापस ले ली गई। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया व न्यायमूर्ति प्रदीप मित्तल की युगलपीठ ने भोपाल नगर निगम के पूर्व पार्षद मेवा लाल की याचिका को निष्प्रभावी मानते हुए निरस्त कर दिया। याचिका में यूसीसी लागू करने से पहले राष्ट्रीय आयोगों से परामर्श न करने और आदिवासी अधिकारों व लिव-इन रिलेशनशिप के अनिवार्य पंजीयन पर आपत्ति जताई गई थी। कोर्ट ने कहा कि भविष्य में यूसीसी कानून की संवैधानिक वैधता को नई याचिका से चुनौती दी जा सकती है।