तृणमूल कांग्रेस सांसद कल्याण बनर्जी को बुधवार को पूरे मानसून सत्र के लिए लोकसभा से निलंबित कर दिया गया। उन पर असंसदीय भाषा के इस्तेमाल और एक बागी टीएमसी सांसद को ‘चोर’ कहने का आरोप है। यह कार्रवाई विपक्ष के लगातार हंगामे के बीच हुई, जिसके कारण संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही तीन बार स्थगित हुई। निलंबन से पहले, बनर्जी की एनसीपीआई सांसदों से बहस हुई थी, जो पहले टीएमसी में थीं। यह विवाद टीएमसी में हुए विभाजन की पृष्ठभूमि में सामने आया है, जहाँ पश्चिम बंगाल चुनाव के बाद लगभग 20 सांसदों ने एनसीपीआई में शामिल होकर एनडीए सरकार को समर्थन दिया था।
संसद के मानसून सत्र के तीसरे दिन दोनों सदनों में नीट पेपर लीक मुद्दे पर विपक्ष का जोरदार हंगामा जारी रहा, जिसके चलते कार्यवाही बार-बार स्थगित करनी पड़ी। विपक्षी नेताओं ने काले कपड़े पहनकर प्रदर्शन किया और सरकार पर लोकतांत्रिक मूल्यों की अनदेखी का आरोप लगाया। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। हंगामे के बीच, तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी को असंसदीय भाषा के इस्तेमाल के लिए पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया।