मध्य प्रदेश सरकार ने उच्च शिक्षा के माध्यम से भारतीय ज्ञान परंपरा को बढ़ावा देने और भारतीय भाषाओं के अध्ययन को प्रोत्साहित करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उच्च शिक्षा विभाग ने तीन शासकीय कॉलेजों – शासकीय कन्या महाविद्यालय बासौदा (विदिशा), जवाहरलाल नेहरू स्मृति शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय शुजालपुर (शाजापुर) और शासकीय महाविद्यालय सोयतकलां (आगर-मालवा) – में संस्कृत विषय की पढ़ाई को स्वीकृति दे दी है। इन संस्थानों में सत्र 2026-27 से संस्कृत पाठ्यक्रम संचालित होंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस पर भारतीय युवाओं को देश की सबसे बड़ी शक्ति बताया। उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा कि युवा साथी देश का भविष्य ही नहीं, वर्तमान की भी सबसे बड़ी ताकत हैं, जिन्होंने अपनी संवेदनशीलता, सेवाभाव और सामर्थ्य से दुनियाभर में पहचान बनाई है। पीएम मोदी ने इस अवसर पर एक संस्कृत श्लोक भी साझा किया, जिसका अर्थ है कि जो व्यक्ति अपनी दृष्टि, विचारों, वाणी और कर्मों से लोगों का हृदय जीतता है, वही उनके विश्वास और सम्मान का पात्र बनता है। इससे पहले, उन्होंने मंगलवार और 7 अगस्त को भी ‘एक्स’ पर सुभाषित साझा किए थे।
मध्य प्रदेश में राज्य सरकार हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी विद्यालयों में संस्कृत शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 9वीं और 11वीं कक्षा के विद्यार्थियों को संस्कृत विषय लेने हेतु प्रोत्साहित करेगी। महर्षि पतंजलि संस्कृत संस्थान ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं कि वे अपने जिले के शासकीय स्कूलों में संस्कृत विषय के चयन और अध्यापन को बढ़ावा दें। साथ ही, संस्थान ने 2025-26 के लिए संस्कृत विषय में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों की जानकारी भी मांगी है।