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सीहोर कोर्ट ने अवैध बांग्लादेशी नागरिक इरशाद को 7 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई

मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में एक बांग्लादेशी नागरिक इरशाद को बिना वैध दस्तावेज के अवैध रूप से भारत में रहने के आरोप में जिला सत्र न्यायालय ने सात साल के सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। 44 वर्षीय इरशाद को 27 अप्रैल 2025 को सीहोर में पकड़ा गया था। वह 29 साल पहले 15 वर्ष की आयु में बांग्लादेश से भारत आया था और अजमेर तथा सीहोर में रहा। उसने स्वयं को भारतीय नागरिक दर्शाने के लिए आधार कार्ड और पैन कार्ड भी बनवा लिए थे।

बेला गांव डबल मर्डर केस: रामसेवक कुशवाह और राघवेंद्र रावत को आजीवन कारावास

ग्वालियर के बहुचर्चित बेला गांव डबल मर्डर केस में करीब सात वर्ष बाद अदालत ने अहम फैसला सुनाया है। चतुर्थ अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुरेश सिंह जमरा की अदालत ने रामसेवक कुशवाह और राघवेन्द्र उर्फ कालू रावत को दोहरे हत्याकांड में दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। 16 मार्च 2019 को धीरेन्द्र कुशवाह और दीपू कुशवाह के शव सिर में गोली लगने के निशान के साथ मिले थे। अभियोजन ने परिस्थितिजन्य और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आरोप सिद्ध किए। न्यायालय ने इसे मानव वध की श्रेणी की हत्या माना।

गुजरात: 330 किलो हेरोइन तस्करी मामले में छह पाकिस्तानी नागरिकों को 8 साल का कठोर कारावास

गुजरात के जखाऊ तट पर 2019 में पकड़ी गई 330 किलो ब्राउन हेरोइन तस्करी मामले में विशेष एनआईए अदालत ने छह पाकिस्तानी नागरिकों को आठ-आठ वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। वहीं, कथित तौर पर खेप लेने वाले दो भारतीय आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया। यह मामला 20 मई 2019 को राजस्व खुफिया निदेशालय को मिली एक सूचना से शुरू हुआ था, जिसमें एक पाकिस्तानी नाव द्वारा भारतीय समुद्री सीमा में मादक पदार्थ पहुंचाने की बात कही गई थी। जांच के दौरान पाकिस्तानी नाव ‘अल-मदीना’ और भारतीय नाव ‘फेजाने किरमानी’ को पकड़ा गया था, और बरामद पदार्थ को फोरेंसिक जांच में ब्राउन हेरोइन के रूप में पुष्टि की गई।

लक्षद्वीप अदालत ने नाबालिग से यौन अपराध के दोषी को 40 साल की सजा सुनाई

लक्षद्वीप की एक अदालत ने नाबालिग लड़के से यौन अपराध के दोषी 37 वर्षीय व्यक्ति को पॉक्सो और आईपीसी के तहत कुल 40 साल कारावास की सजा सुनाई है। दोषी को 20 साल की वास्तविक कैद काटनी होगी और उस पर 1.20 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। अदालत ने रिश्ते के भरोसे के दुरुपयोग और बार-बार अपराध के कारण सजा में नरमी से इनकार किया। कोर्ट ने बच्चों के खिलाफ अपराधों पर चिंता जताई और पीड़ित को जुर्माने में से 1 लाख रुपये तथा पीड़ित मुआवजा योजना के तहत 2 लाख रुपये अतिरिक्त देने की सिफारिश की।