राज्य मंत्रिपरिषद ने 1758 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले विदिशा-भोपाल फोर लेन मार्ग को मंगलवार को स्वीकृति दे दी है। एमपीआरडीसी के महाप्रबंधक ईश्वर चंदेले के अनुसार, टेंडर प्रक्रिया जल्द शुरू होगी और निर्माण कार्य इस वर्ष के अंत तक शुरू होने की उम्मीद है। यह मार्ग 44.83 किमी लंबा और 30 मीटर चौड़ा होगा, जिसमें तीन बायपास भी शामिल हैं। इससे दूरी और समय कम होगा, सफर सुरक्षित बनेगा, व्यापारियों और मरीजों को राहत मिलेगी। साथ ही, पर्यटन और रोजगार के नए अवसर भी उत्पन्न होंगे।
मध्य प्रदेश किसान सभा, संयुक्त किसान मोर्चा और केंद्रीय ट्रेड यूनियन मंच ने सोमवार को मुरैना, कैलारस और सबलगढ़ में अटल प्रोग्रेस-वे का एलाइनमेंट बदलने की मांग को लेकर प्रदर्शन किए। कैलारस और सबलगढ़ में पुलिस ने 500 से 600 कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी दर्ज की, हालांकि उन्हें बिना मुचलके रिहा कर दिया गया। मुरैना में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई, जहां कार्यकर्ताओं ने रैली निकालकर कलेक्ट्रेट तक मार्च किया। प्रदर्शनकारियों ने चंबल के बीहड़ों की जमीन उद्योग विभाग को आवंटित करने की कार्रवाई रद्द करने और शक्कर कारखाना चलाने की भी मांग की। आगामी सितंबर में जिला मुख्यालय पर सत्याग्रह करने का संकल्प लिया गया।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने भोपाल को मेट्रोपॉलिटिन क्षेत्र के रूप में विकसित करने के लिए भोपाल-विदिशा मार्ग का 44.83 किलोमीटर लंबा चार लेन सड़क निर्माण हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल के तहत करने का निर्णय लिया है। इस परियोजना में तीन बाईपास बनेंगे, जिससे यातायात दबाव कम होगा और औद्योगिक निवेश बढ़ेगा। ₹364.41 करोड़ का भू-अर्जन राज्य बजट से होगा। कैबिनेट ने भोपाल बायपास के 51.963 किलोमीटर चार-लेन से छह-लेन विस्तार पर 19 जुलाई 2026 से 31 दिसंबर 2031 तक टोल वसूली की भी अनुमति दी है।
शहडोल जिले में लोक निर्माण विभाग ने जनपद पंचायत बुढ़ार के टेंघा से छिनमार मार्ग पर करीब साढ़े चार किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण पूरा कर लिया है। लेकिन, मार्ग के बीच नदी पर प्रस्तावित 100 मीटर लंबी पुलिया का काम शुरू नहीं हो सका है। बारिश में नदी का जलस्तर बढ़ने पर यह मार्ग पूरी तरह बाधित हो जाता है, जिससे ग्रामीणों को घंटों पानी कम होने का इंतजार करना पड़ता है और वे अक्सर फंस जाते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण की प्राथमिकता गलत थी, जबकि विभाग के अधिकारियों ने जांच के बाद स्थिति स्पष्ट होने की बात कही है।
इंदौर से उज्जैन के बीच बन रहा छह लेन मार्ग सिंहस्थ मेले के शुरू होने से लगभग एक साल पहले पूरा हो जाएगा। 48 किलोमीटर लंबे इस मार्ग से इंदौर से उज्जैन का सफर मात्र 40 मिनट में तय हो सकेगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने छह माह पहले इसका भूमिपूजन किया था। सिंहस्थ मेले के दौरान यातायात के अत्यधिक दबाव को देखते हुए इस सड़क को छह लेन बनाया जा रहा है। वाहन चालकों के लिए ग्रीन कॉरिडोर और देवास होते हुए वैकल्पिक मार्ग भी उपलब्ध रहेंगे, जिस पर टोल टैक्स देय होगा।
धार जिले में लोहारीखुर्द-आहू-धार मुख्य मार्ग पर 366.39 लाख रुपये की लागत से हो रहे ब्रिज निर्माण कार्य में देरी से आठ से अधिक गांवों के ग्रामीण परेशान हैं। निर्माण के कारण मुख्य मार्ग बाधित हो गया है। आवाजाही के लिए बनाया गया अस्थायी मार्ग वर्षा में बह जाने से रास्ता पूरी तरह बंद है। ग्रामीणों ने कार्य की धीमी गति और गुणवत्ता में लापरवाही का आरोप लगाया है। मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण के महाप्रबंधक शौर्यप्रताप सिंह ने गुणवत्ताहीन सामग्री के उपयोग से इनकार करते हुए जांच का आश्वासन दिया है।
मध्य प्रदेश में 31,000 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से 6 से 8 लेन का ‘नर्मदा प्रगति पथ’ विकसित किया जाएगा। यह ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे नर्मदा नदी के किनारे बनेगा और राज्य के 11 प्रमुख जिलों से होकर गुजरेगा, जिससे मध्य प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी छोर आपस में जुड़ेंगे। यह मार्ग गुजरात और छत्तीसगढ़ के बीच सीधी कनेक्टिविटी भी स्थापित करेगा। कुल 906 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे प्रशासनिक, धार्मिक और पर्यटन केंद्रों को जोड़ेगा और 30 राष्ट्रीय राजमार्गों से जुड़ेगा। मार्ग पर आधुनिक जन-सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिससे औद्योगिक विकास, रोजगार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
इंदौर में किला मैदान तिराहा से जिंसी चौराहा तक मास्टर प्लान सड़क की एक लेन 15 अगस्त तक चालू होगी। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कार्य का निरीक्षण कर समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निर्माण के निर्देश दिए। नागरिकों की असुविधा कम करने पर भी जोर दिया गया। इसके अतिरिक्त, जंजीरवाला चौराहा से अटल द्वार मार्ग 23 जुलाई से 15 सितंबर तक निर्माण कार्य के कारण बंद रहेगा, जिसके लिए वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की अपील की गई है। जिंसी में सेंटर लाइन में गड़बड़ी का आरोप भी सामने आया है।