मुरैना जिले में एक सात वर्षीय बच्ची का जर्जर सड़क को लेकर आक्रोश सामने आया है। इस बच्ची ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को सड़क बनवाने की चेतावनी दी है, जिसका वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो रहा है। यह वीडियो सिकरोडी ग्राम पंचायत के रामरतन पुरा गांव का है, जहां कच्ची सड़क बारिश में कीचड़ और जलभराव से बदहाल हो गई है, जिससे बच्चों का स्कूल जाना बाधित है। ग्रामीणों का कहना है कि यह सड़क सालों से कच्ची है और उनकी मांग पर कोई सुनवाई नहीं हुई है।
ग्वालियर शहर में गोयल फ्लावर सिटी, जेतल विहार और आरके गार्डन कॉलोनियों को जोड़ने वाली रामौआ चौराहा से मर्सी लेन तक की मुख्य सड़क की खराब हालत के खिलाफ सैकड़ों रहवासियों ने रविवार को विरोध प्रदर्शन किया। पिछले कई वर्षों से गड्ढों और टूट-फूट के कारण उन्हें रोजाना जान जोखिम में डालकर एनएच-44 हाईवे से आना-जाना पड़ता है। प्रशासन से शिकायत के बावजूद समाधान न होने पर रहवासियों ने सुबह 11 बजे प्रतीकात्मक चक्का जाम किया और श्रमदान कर बड़े गड्ढों को मिट्टी व पत्थर से भरा। उन्होंने सड़क का जल्द निर्माण न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है।
ग्वालियर और अंचल में दक्षिण-पश्चिम मानसून सक्रिय है। शुक्रवार को ग्वालियर शहर में 9.5 मिमी बारिश हुई, जिससे मौसम सुहाना बना रहा। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, मानसून ट्रफ और पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण ग्वालियर-चंबल में बारिश जारी है। आगामी दो दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है, जबकि 10 और 11 जुलाई को भारी बारिश के आसार हैं। बारिश से उमस भरी गर्मी से राहत मिली, लेकिन सड़कों पर पानी भरने से गड्ढे हो गए हैं, जिससे यातायात में परेशानी हो रही है। निगम द्वारा कराया गया पैचवर्क भी बह गया है।
भोपाल के नांदनी गांव में विकास के दावों की पोल खुल गई, जहां एक महिला के शव की अंतिम यात्रा घुटनों तक कीचड़ भरे रास्ते से निकालनी पड़ी। मुक्तिधाम तक सड़क न होने के कारण ग्रामीणों को कंधों पर शव ले जाना पड़ा। ग्रामीणों का आरोप है कि वर्षों से शिकायतें करने के बावजूद पंचायत और जनप्रतिनिधियों ने समस्या का समाधान नहीं किया। सरपंच को मौके पर बुलाने के बावजूद कोई ठोस पहल नहीं हुई। मुक्तिधाम के वैकल्पिक रास्ते पर भी अतिक्रमण है, जिसके कारण ग्रामीणों को कीचड़ भरे रास्ते का उपयोग करना पड़ा।
भोपाल में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रविवार को वार्ड 41 की जर्जर सड़कों और जलभराव की समस्या के विरोध में अनोखा प्रदर्शन किया। उन्होंने महापौर मालती राय की तस्वीर लेकर पानी से भरे गड्ढों में ‘बेशर्म’ के पौधे लगाए, जिसका उद्देश्य नगर निगम और जिला प्रशासन का ध्यान खींचना था। कांग्रेस नेताओं ने विकास कार्यों में भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा के जनप्रतिनिधि होने के बावजूद वार्ड 41 की सड़कें खराब हैं। कांग्रेस नेता मो. शावर खान ने तीन बार भूमिपूजन के बाद भी सड़क निर्माण शुरू न होने का जिक्र करते हुए महापौर निवास पर भी प्रदर्शन की चेतावनी दी।
सतना के रैगांव विधानसभा क्षेत्र में नगरीय प्रशासन राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी के क्षेत्र में विकास के दावों पर सवाल उठे हैं। ग्राम छुलहा की छात्राएं सड़क और स्कूल की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठीं, जिसे एसडीएम के आश्वासन पर समाप्त किया गया। वहीं, रामपुरा गांव में डेढ़ किलोमीटर सड़क बदहाल है, जहां एंबुलेंस भी नहीं पहुंच पाती, जिससे एक बुजुर्ग महिला को खाट पर ले जाना पड़ा। बौलिहा में छात्र 27 जुलाई 2026 से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। दिसंबर 2025 में बनी नई सड़क भी कुछ ही दिनों में उखड़ गई थी, जिससे गुणवत्ता पर सवाल उठे थे।