मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने वक्फ बोर्ड के पुनर्गठन की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं, विशेषकर रात एक बजे नोटशीट पर हस्ताक्षर किए जाने के दावे को लेकर। याचिकाकर्ता शोएब राजा खान ने 4 जुलाई, 2026 की अधिसूचना को चुनौती दी है, जिसमें 3 जुलाई को चार सदस्यों के इस्तीफे के बाद अगले ही दिन पूरे बोर्ड का पुनर्गठन कर दिया गया था। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया और न्यायमूर्ति प्रदीप मित्तल की युगलपीठ ने मुख्य सचिव सहित चार अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अगली सुनवाई 28 सितंबर को होगी, जिसमें न्यायालय यह जांच करेगा कि प्रक्रिया कानूनी प्रावधानों के अनुरूप थी या नहीं।