लोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह ने शिक्षकों को उफनते नदी-नाले पार न करने और सुबह 10:30 बजे तक ई-अटेंडेंस लगाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि लापरवाही पर वेतन काटा जा सकता है और शिक्षकों को समय पर स्कूल में उपस्थित होकर पठन-पाठन में शामिल होना चाहिए। शासकीय शिक्षक संगठन ने ग्रामीण शिक्षकों के लिए आवास, सुरक्षित आवागमन और विशेष ग्रामीण भत्ता जैसी सुविधाओं की मांग की है। आयुक्त ने ऐप में अवकाश विकल्प न होने जैसी तकनीकी दिक्कतों के समाधान के लिए शिक्षक संघ से टीम बनाने को कहा है।
भोपाल कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने प्रशासनिक व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए कलेक्ट्रेट स्तर पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में फेरबदल किया है। डिप्टी कलेक्टर निधि चौकसे को एमपी नगर वृत्त का एसडीएम नियुक्त किया गया है, यह पद संयुक्त कलेक्टर एलके खरे के अपर कलेक्टर बनने से रिक्त था। डिप्टी कलेक्टर दीपक पांडेय को उप जिला निर्वाचन अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार मिला है। संयुक्त कलेक्टर रवीश कुमार श्रीवास्तव को भू-संसाधन प्रबंधन सहित कई अहम शाखाएं दी गई हैं, जबकि डिप्टी कलेक्टर लाखन चौधरी सीएम हेल्पलाइन और शिकायत शाखा का प्रभार संभालेंगे।
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण आदेश में कहा है कि सरकारी वसूली में कानून और प्रक्रिया का पालन आवश्यक है। कोर्ट ने मंडला जिले की ग्राम पंचायत बिनैका की सरपंच अनुसुइया परस्ते और पंचायत सचिव विपिन पटेल के खिलाफ प्रस्तावित 4.93 लाख रुपये की वसूली पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है। याचिकाकर्ताओं ने 29 जून 2026 के वसूली आदेश को चुनौती दी थी, जिसे उन्होंने विधि सम्मत नहीं बताया। न्यायमूर्ति विवेक कुमार सिंह की एकलपीठ ने राज्य शासन सहित संबंधित अधिकारियों से चार सप्ताह में जवाब मांगा है और स्पष्ट किया है कि अगली सुनवाई तक कोई वसूली नहीं होगी।
मध्यप्रदेश में पटवारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के बीच राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव ई. रमेश कुमार ने सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि पटवारियों के विरुद्ध सीधी एफआईआर दर्ज न की जाए। एफआईआर से पहले पूरे मामले का प्रारंभिक परीक्षण अनिवार्य होगा। यह निर्णय पटवारी संघ के ज्ञापन और उनकी मांग पर लिया गया है, जिसमें वसीयत व अन्य राजस्व न्यायालयीन प्रकरणों में पटवारियों के प्रतिवेदन के आधार पर सीधे एफआईआर दर्ज होने की शिकायत की गई थी। हालांकि, इस आदेश के बावजूद 23 हजार पटवारी अपनी हड़ताल से वापस नहीं लौटे हैं, जो 3 अगस्त से जारी है।
राज्य सरकार ने मध्य प्रदेश के निजी हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों की मान्यता संबंधी नियमों में महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं। इन नए नियमों के तहत, फर्जी दस्तावेज या गलत जानकारी के आधार पर मान्यता प्राप्त करने वाले स्कूलों पर 2 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा और उनकी मान्यता रद्द कर दी जाएगी। साथ ही, शिक्षकों के लिए बायोमैट्रिक हाजिरी अनिवार्य कर दी गई है। पर्याप्त बुनियादी ढांचा और सुरक्षा व्यवस्था वाले स्कूलों को दो पालियों में संचालित करने की अनुमति मिलेगी। विज्ञान प्रयोगशालाओं को लेकर भी नए मानदंड निर्धारित किए गए हैं। इन नियमों को लागू करने के लिए अधिसूचना जारी कर दी गई है।
मध्य प्रदेश सरकार ने मंगलवार को आठ आईएएस अधिकारियों की नई पदस्थापना के आदेश जारी किए हैं। इनमें 24 जुलाई को स्थानांतरित किए गए कुछ अधिकारियों के स्थान में परिवर्तन किया गया है। रतलाम कलेक्टर मिशा सिंह अब शहडोल की कलेक्टर नहीं बनेंगी, उन्हें अपर आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास पदस्थ किया गया है। मंदसौर कलेक्टर अदिति गर्ग को भी नई जिम्मेदारी मिली है। पार्थ जायसवाल शहडोल के नए कलेक्टर नियुक्त हुए हैं, जबकि मृणाल मीणा छतरपुर के कलेक्टर बनाए गए हैं। व्यक्तिगत कारणों से मिशा सिंह और अदिति गर्ग ने पदस्थापना में परिवर्तन का अनुरोध किया था।
भोपाल कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने राजधानी की राजस्व व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए 19 पटवारियों के प्रभार बदले हैं। यह निर्णय 43 पटवारियों के पूर्व तबादलों के एक माह बाद आया है। भू-संसाधन प्रबंधन और बाहरी जिलों से आए पटवारियों को टीटी नगर, बैरागढ़, बैरसिया, शहर और कोलार जैसी विभिन्न तहसीलों में नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। इसका उद्देश्य कार्य व्यवस्था को संतुलित करना और राजस्व कार्यों में तेजी लाना है। सभी पटवारियों को तत्काल नवीन पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।