मध्य प्रदेश आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने शासकीय GeM पोर्टल के माध्यम से ₹10.99 करोड़ के एक कंप्यूटर खरीद घोटाले का पर्दाफाश किया है। सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के लिए पुराने कंप्यूटरों को नया बताकर और निम्न गुणवत्ता वाले उपकरण आपूर्ति करने के आरोप में चार लोगों पर मामला दर्ज किया गया है। जांच में सामने आया कि निविदा में शामिल फर्में एक ही व्यक्ति द्वारा नियंत्रित थीं, उन्होंने फर्जी मैन्युफैक्चरर ऑथराइजेशन लेटर जमा किए और कीमतों में हेरफेर किया। EOW ने फर्मों को ब्लैकलिस्ट करने की सिफारिश की है और 1 सितंबर को भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
मध्य प्रदेश सरकार ने किसानों के हित में दो महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। राज्य में 30 जुलाई से खाद वितरण को सुगम और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए ‘हाइब्रिड मोड’ लागू किया गया है। इस व्यवस्था के तहत विक्रेताओं को किसानों के आधार कार्ड, मोबाइल नंबर और खाद की मात्रा का विवरण रजिस्टर में दर्ज कर पोर्टल पर अपलोड करना होगा। साथ ही, ग्रीष्मकालीन मूंग और उड़द की खरीद के लिए स्लॉट बुकिंग की अंतिम तिथि 10 अगस्त और खरीद की अंतिम तिथि 20 अगस्त तक बढ़ा दी गई है। विपणन वर्ष 2026-27 की नीति में संशोधन कर मूंग का अधिकतम 60% और उड़द का 25% तक ही उपार्जन किया जाएगा।
सीहोर में समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन में गंभीर अनियमितताएं सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। कलेक्टर बालागुरु के. ने जांच रिपोर्ट के आधार पर जिले के तीन वेयरहाउसों को ब्लैकलिस्ट करने की अनुशंसा की है। यह अनुशंसा मध्यप्रदेश वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक्स कॉर्पोरेशन (एमपीडब्ल्यूएलसी) के प्रबंध संचालक को पत्र भेजकर की गई। इसके अतिरिक्त, एमपीडब्ल्यूएलसी की श्यामपुर शाखा प्रबंधक की एक वेतन वृद्धि रोकने की भी सिफारिश की गई है। प्रशासन की इस कार्रवाई को उपार्जन व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।