मध्य प्रदेश सरकार ने निजी प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग विज्ञान महाविद्यालयों में बैचलर ऑफ नैचुरोपैथी एंड यौगिक साइंस (BNYS) पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए नए नियम जारी किए हैं। अब इस पाठ्यक्रम में दाखिले के लिए NEET अनिवार्य नहीं होगा। विद्यार्थियों का चयन 12वीं कक्षा में फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी में प्राप्त अंकों के आधार पर तैयार मेरिट सूची से किया जाएगा। प्रवेश प्रक्रिया एमपी ऑनलाइन के आयुष पोर्टल के माध्यम से केंद्रीकृत ऑनलाइन काउंसिलिंग से पूरी होगी, जिसमें निर्धारित शुल्क और आरक्षण नियमों का पालन किया जाएगा।
मध्य प्रदेश वित्त विभाग ने असफल ई-भुगतानों की वापसी के लिए नई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) निर्धारित की है। अब प्रत्येक असफल भुगतान की राशि को एक अलग खाते में दर्ज किया जाएगा। आहरण एवं संवितरण अधिकारी (डीडीओ) को इन मामलों का सत्यापन कर 365 दिनों के भीतर पुनर्भुगतान प्रक्रिया शुरू करनी होगी। विभागाध्यक्ष या बजट नियंत्रण अधिकारी के स्तर पर निराकरण की अधिकतम अवधि 730 दिन है। यदि 730 दिनों में राशि वापस नहीं होती, तो उसे सरकारी खजाने में राजस्व प्राप्ति मद में जमा किया जाएगा। डीडीओ दोहरे भुगतान और गलत हस्तांतरण रोकने के लिए भी जिम्मेदार होंगे।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राष्ट्रीय सुरक्षा के मद्देनजर सीमावर्ती क्षेत्रों में सौर, पवन और हाइब्रिड परियोजनाओं के लिए अपनी मंजूरी अनिवार्य कर दी है। इन परियोजनाओं में काम करने वाले पाकिस्तान, चीन और बांग्लादेश के कर्मियों के लिए केंद्र सरकार की स्वीकृति आवश्यक होगी। मंत्रालय ने साइट पर निगरानी के लिए पुलिस चौकी स्थापित करने, विदेशी नागरिकों पर नजर रखने और स्टाफ के सत्यापन को अनिवार्य किया है। आवास और कैफेटेरिया जैसी सुविधाओं के लिए भी सख्त नियम जारी किए गए हैं।
मध्य प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने भवन निर्माण एवं विकास अनुज्ञा प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए महत्वपूर्ण सुधार लागू किए हैं। अपर मुख्य सचिव संजय दुबे द्वारा जारी निर्देशों के तहत, अब भवन अनुज्ञा के लिए अनावश्यक अनापत्ति प्रमाण-पत्रों की बाध्यता समाप्त या तर्कसंगत कर दी गई है। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन संचालित होगी, जिसमें केवल डिजिटल दस्तावेज स्वीकार किए जाएंगे। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया, राष्ट्रीय स्मारक प्राधिकरण और विरासत क्षेत्रों से संबंधित एनओसी अब केवल प्रभावित क्षेत्रों के लिए आवश्यक होंगी।
महाराष्ट्र में एप आधारित यात्री सेवा प्रदान करने वाली सभी एग्रीगेटर कंपनियों को 1 सितंबर तक परिवहन विभाग में पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। राज्य परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने चेतावनी दी है कि ऐसा न करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने बताया कि लाखों यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और कानूनी नियमों का पालन कराने के लिए यह नई नीति लागू की गई है। इसके तहत वाहनों का वैध परमिट, पंजीकरण और बीमा होना चाहिए, तथा ड्राइवर योग्य होने चाहिए। कंपनियों को यात्रियों की पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी।
मध्यप्रदेश सरकार ने कृषि उपज मंडियों में दुकान, गोदाम, प्लांट और भूखंडों के आवंटन के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब सभी आवंटन केवल ऑनलाइन ई-नीलामी के माध्यम से होंगे। सरकार ने पहली बार ‘एक व्यापारी-एक दुकान’ का नियम लागू करने का प्रस्ताव भी रखा है। कृषि विभाग ने नए नियमों का मसौदा नोटिफिकेशन जारी कर दिया है, जो प्रदेश की 557 कृषि उपज मंडियों में लागू होगा। सफल बोलीदाता को अब 30 वर्ष का लाइसेंस मिलेगा, जिससे पारदर्शिता और समान अवसर सुनिश्चित होंगे।