मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सरकारी दफ्तरों में बायोमेट्रिक हाजिरी अनिवार्य करने के निर्देश दिए हैं। मंत्रालय से लेकर जिला स्तर तक सभी कार्यालयों में यह व्यवस्था लागू होगी। वरिष्ठ अधिकारी कर्मचारियों की समयबद्धता और कार्य निष्पादन पर नजर रखेंगे। मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत साप्ताहिक शिविरों को त्योहारों के कारण शुक्रवार को आयोजन न होने पर शनिवार को आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए। स्वामित्व योजना, नर्मदा समग्र मिशन और शहरी पेयजल-सीवरेज प्रबंधन पर भी जोर दिया गया। संस्कृति-पर्यटन और गृह विभाग को भी कई विकास और सुधार कार्यों के निर्देश प्राप्त हुए हैं।
मध्य प्रदेश में सरकारी नौकरी के लिए दो से अधिक संतान वाले लगभग 25 साल पुराने प्रावधान को खत्म करने का मामला नौकरशाही स्तर पर अटक गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशों के बावजूद सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) अब तक इससे संबंधित प्रस्ताव कैबिनेट में नहीं ला सका। पूर्व मुख्य सचिव के कार्यकाल में भी वरिष्ठ सचिव समिति ने इस प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी थी। मुख्यमंत्री ने GAD के एक ड्राफ्ट पर भी आपत्ति जताई थी, जिसमें यह पाबंदी बरकरार रखी गई थी। इस प्रावधान को 2001 में लागू किया गया था और कर्मचारी संगठन लगातार इसका विरोध कर रहे हैं।
लोकसभा में सार्वजनिक परीक्षाएं (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा से पहले विपक्ष ने छात्र प्रदर्शन पर सरकार से जवाब मांगा है। कांग्रेस और इंडिया गठबंधन ने स्पष्ट किया है कि वे विधेयक के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार को अपना पक्ष स्पष्ट करना होगा। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा सहित कई वरिष्ठ नेता चर्चा में हिस्सा लेंगे। संसद सत्र से पहले मल्लिकार्जुन खरगे के कार्यालय में इंडिया गठबंधन की बैठक में संयुक्त रणनीति तैयार की गई। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने विधेयक पेश किया, जिसका उद्देश्य पेपर लीक के खिलाफ सजा को सख्त करना है।
मध्य प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट विधानसभा में पेश किया, जिसकी कुल राशि 7,765.77 करोड़ रुपये है। उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने यह बजट प्रस्तुत किया। इसमें नर्मदा घाटी विकास विभाग को सिंचाई परियोजनाओं और भूमि अधिग्रहण के लिए 3,000 करोड़ रुपये का सबसे बड़ा प्रावधान मिला है। अतिरिक्त राशि अधोसंरचना, कृषि, शिक्षा, परिवहन और जनकल्याण से जुड़ी योजनाओं को गति देने में सहायक होगी। विभिन्न विभागों को भी महत्वपूर्ण आवंटन दिए गए हैं।