मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण से जुड़े मामलों में अंतिम सुनवाई पूरी हो गई है और फैसला सुरक्षित रख लिया गया है। प्रशासनिक न्यायाधीश आनंद पाठक व न्यायमूर्ति विनय सराफ की विशेष युगलपीठ ने ढाई घंटे से अधिक चली सुनवाई के दौरान आरक्षण की संवैधानिक वैधता, 50 प्रतिशत की सीमा और ओबीसी की आबादी जैसे विभिन्न कानूनी पहलुओं पर दलीलें सुनीं। वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर ने ओबीसी पक्ष की ओर से 27 प्रतिशत आरक्षण बरकरार रखने की मांग की। अब हजारों अभ्यर्थियों, सरकार और विभिन्न पक्षों की निगाहें हाई कोर्ट के निर्णय पर टिकी हैं।