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सतना में कागजों में सड़कें बनने का आरोप, PWD के मझगवां SDO अश्वनी निगम हटाए गए

चित्रकूट विधायक सुरेंद्र सिंह गहरवार ने सतना जिले में पीडब्ल्यूडी अधिकारियों पर सड़कों के निर्माण में अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि करोड़ों रुपये की लागत से स्वीकृत कई सड़कें केवल कागजों में बनी हैं, जबकि जमीनी हकीकत अलग है। विधायक ने मझगवां एसडीओ अश्वनी निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए भ्रष्टाचार का आरोप लगाया, जिसके बाद मुख्य अभियंता पंकज खरादी ने एसडीओ को पद से हटा दिया। अब विभाग पर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता जांच को लेकर सबकी नजरें टिकी हैं, हालांकि भ्रष्टाचार के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है।

जबलपुर नगर निगम की लापरवाही: बिना नल कनेक्शन महिला को ₹22,874 का पानी और टैक्स बिल

जबलपुर के रांझी क्षेत्र में नगर निगम की लापरवाही सामने आई है, जहां राधा यादव को बिना नल कनेक्शन के ₹22,874 का पानी और विभिन्न करों का बिल भेजा गया है। 20 साल से घर में कोई कनेक्शन नहीं होने के बावजूद मिले इस बिल में संपत्ति कर, पानी शुल्क, नाली सफाई और कचरा संग्रहण का टैक्स शामिल है। राधा यादव ने बिल भुगतान से इनकार करते हुए बताया कि वे सार्वजनिक नल से पानी लाती हैं और उनके मोहल्ले में कचरा गाड़ी भी नहीं आती। जोन 10 अधिकारी नरेश शर्मा ने तकनीकी गड़बड़ी या नाम की गलती की आशंका जताई है और मामले की जांच के आदेश दिए हैं, जिसमें भौतिक सत्यापन भी शामिल है।

इंदौर जनसुनवाई में 9वीं-10वीं की छात्राएं घंटों खड़ी रहीं, कलेक्टर के निर्देश के बाद भी नहीं मिली कुर्सी

इंदौर कलेक्टर कार्यालय में जनसुनवाई के दौरान स्काउट गाइड की दो छात्राएं सवा दो घंटे तक खड़ी रहीं, जबकि अधिकारी बैठे रहे। कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश के बाद भी उन्हें कुर्सी नहीं मिली। गाइड कैप्टन ने भविष्य में छोटी बच्चियों को न लाने की बात कही। वहीं, देवगुराड़िया से कंपेल मार्ग पर सिटी बस सेवा बहाल करने की मांग को लेकर छात्र-छात्राएं भी जनसुनवाई में पहुंचे। उन्होंने बताया कि निजी बसों का अधिक किराया और भीड़ उनकी पढ़ाई को प्रभावित कर रही है।

पेंशन प्रकरण के लिए 3,000 रुपये रिश्वत लेते जल संसाधन विभाग का अमीन गिरफ्तार

लोकायुक्त रीवा ने जल संसाधन विभाग के अमीन रामबरण मिश्रा को 3,000 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोपी मोनू नापित की माता के पेंशन प्रकरण तैयार करने के एवज में रिश्वत की मांग कर रहा था। मोनू के पिता, स्वर्गीय रामसुचित नापित, जल संसाधन विभाग में चौकीदार थे, जिनका 24 मार्च 2026 को निधन हो गया था। आरोपी पहले भी शिकायतकर्ता से 9,000 रुपये ले चुका था। यह कार्रवाई महानिदेशक लोकायुक्त के निर्देश पर की गई।