मध्यप्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में बेरोजगारी और किसानों के मुद्दे प्रमुख रहे। सदन में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, पिछले छह माह में कुल पंजीकृत बेरोजगारों की संख्या में कमी आई है, लेकिन स्नातक और स्नातकोत्तर शिक्षित बेरोजगारों की संख्या में 1.12 लाख की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। दिसंबर 2025 में यह संख्या 6.17 लाख थी जो जून 2026 तक बढ़कर 7.29 लाख हो गई। रीवा में सर्वाधिक जबकि पांढुर्ना में सबसे कम बेरोजगार पंजीकृत हैं। कांग्रेस ने खाद-बीज की उपलब्धता और अल्पवर्षा को लेकर सरकार को घेरा, जिस पर मंत्रियों ने पर्याप्त भंडारण और कार्रवाई का आश्वासन दिया।