मानसून सत्र में पहले दिन से जारी गतिरोध को समाप्त करने के लिए सरकार छात्र आंदोलन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई और राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर चर्चा को तैयार है। सरकार ने विपक्ष द्वारा गतिरोध तोड़ने की शर्त पर गृह मंत्री अमित शाह के जवाब देने का प्रस्ताव दिया है। विपक्ष को आशंका है कि सरकार चर्चा के बाद परिसीमन विधेयक पेश कर सकती है। इस बीच, सरकार एफसीआरए विधेयक को संयुक्त संसदीय समिति को भेजने की तैयारी में है, जिसका उद्देश्य विदेशी अंशदान की निगरानी करना है। विपक्षी दल इसे अल्पसंख्यकों को निशाना बनाने वाला बताते हैं, जबकि सरकार ने धार्मिक भेदभाव के आरोपों को खारिज किया है।
संसद में विपक्षी दलों के हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही को दिन में दूसरी बार दोपहर तीन बजे तक स्थगित कर दिया गया। इस दौरान एफसीआरए विधेयक को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विधेयक को अल्पसंख्यक विरोधी होने से इनकार किया, जबकि कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने इसे वापस लेने की मांग की। लोकसभा में विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक पेश किया गया और दो अन्य विधेयक बिना चर्चा के पारित हुए। राज्यसभा में राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (संशोधन) विधेयक, 2026 पर चर्चा जारी रही।
मध्य प्रदेश सरकार ने बस और वाहन मालिकों की समस्याओं के समाधान के लिए विभागीय अधिकारियों और बस ओनर्स एसोसिएशन के सदस्यों की एक समिति गठित की है। यह समिति सुगम परिवहन सेवा योजना के अंतर्गत प्रस्तावित मार्गों पर पहले से चल रही बसों को समायोजित करने, नए वाहनों के पंजीयन को सुनिश्चित करने और 15 वर्ष पुराने वाहनों को परमिट देने के संबंध में अपना अभिमत देगी। समिति को अपनी रिपोर्ट एक माह के भीतर प्रस्तुत करनी होगी, जिसके बाद मंत्रियों की समिति की अनुशंसा पर सरकार अंतिम निर्णय लेगी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को छिंदवाड़ा से राज्यव्यापी ‘मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान’ की शुरुआत करेंगे। वे जनता और अधिकारियों से सीधा संवाद करेंगे तथा जिला स्तरीय समाधान कार्यक्रमों में भाग लेंगे। इस अभियान का उद्देश्य जनशिकायतों का त्वरित निराकरण, शासकीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन और लोक सेवाओं का समय-सीमा में प्रदाय सुनिश्चित करना है। छिंदवाड़ा में अब तक 4,768 शिकायतें हल हुई हैं, जिससे यह जिला अभियान के तहत प्रदेश में प्रथम स्थान पर है।
राज्य में सीएम हेल्पलाइन शिकायतों और योजनाओं के क्रियान्वयन में कमियों के समाधान हेतु मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान प्रारंभ किया गया है। यह अभियान आगामी छह माह तक प्रत्येक शुक्रवार को चलेगा, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, मंत्री और अधिकारी जनता के बीच पहुंचकर मौके पर शिकायतों की सुनवाई और निराकरण करेंगे। इसका उद्देश्य सुशासन सुनिश्चित करना, योजना क्रियान्वयन में सुधार लाना, कलेक्टरों के कामकाज का आकलन करना और आमजन में यह विश्वास जगाना है कि उनके वैध कार्य नहीं रुकेंगे। अभियान की शुरुआत छिंदवाड़ा से हुई।
मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की ग्वालियर खंडपीठ ने पटवारी भर्ती से जुड़े एक मामले में राज्य सरकार को राहत दी है। खंडपीठ ने सिंगल बेंच के उस आदेश को निरस्त कर दिया, जिसमें एक अभ्यर्थी को पटवारी पद पर नियुक्ति देने के निर्देश थे। अदालत ने स्पष्ट किया कि केवल डिप्लोमा जारी होने से पात्रता सिद्ध नहीं होती, बल्कि संबंधित संस्थान और पाठ्यक्रम की नियमानुसार मान्यता भी साबित करनी होगी। राज्य सरकार ने शेर सिंह रावत की नियुक्ति के आदेश को चुनौती दी थी, क्योंकि उनका डिप्लोमा एक गैर-मान्यता प्राप्त डिस्टेंस एजुकेशन सेंटर से था।
मध्य प्रदेश बस ओनर्स एसोसिएशन ने सरकार की नई स्टेज कैरिज परिवहन नीति के विरोध में 7 अगस्त की रात 12 बजे से अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा की है। इस हड़ताल से जबलपुर से संचालित होने वाली 500 से अधिक बसों सहित प्रदेशभर की सेवाएं प्रभावित होंगी, जिससे मंडला, भोपाल, इंदौर जैसे विभिन्न जिलों के यात्रियों को असुविधा होगी। बस संचालकों का कहना है कि यह नीति निजी बस व्यवसाय को समाप्त कर देगी और हजारों रोजगारों पर संकट खड़ा करेगी। उनकी प्रमुख मांगों में नीति की वापसी और बस किराए में वृद्धि शामिल है।
मध्य प्रदेश में राज्य सरकार के नए गजट नोटिफिकेशन के बाद जबलपुर और आसपास के क्षेत्रों में बस किराया बढ़ गया है। अब सामान्य बसों में पहले पांच किलोमीटर तक का न्यूनतम किराया सात रुपये से बढ़कर 10 रुपये हो गया है। पांच किलोमीटर से अधिक दूरी के लिए प्रति किलोमीटर किराया 1.25 रुपये से बढ़कर दो रुपये कर दिया गया है। क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी रिंकू शर्मा ने बताया कि सभी बस संचालकों को संशोधित किराया लागू करना होगा। नई दरों से हजारों यात्रियों की यात्रा लागत बढ़ जाएगी और संशोधित किराया सूची शीघ्र ही बस संचालकों को उपलब्ध कराई जाएगी।
संसद के मानसून सत्र के दौरान लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष के हंगामे के कारण कार्यवाही बाधित हुई। लोकसभा को 6 अगस्त तक के लिए स्थगित कर दिया गया। इस बीच, बैंकर्स बुक्स एविडेंस बिल, 2026 लोकसभा में बिना चर्चा के पारित हो गया। इंडिया गुट के सांसदों ने राज्यसभा से वॉक आउट किया। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी से मुलाकात कर गतिरोध समाप्त करने और परिसीमन विधेयक पर चर्चा की। डिंपल यादव और पप्पू यादव ने भी विभिन्न मुद्दों पर बयान दिए।
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण मामले की 13वें दिन सुनवाई हुई। ओबीसी पक्ष ने प्रशासनिक न्यायाधीश आनंद पाठक व न्यायमूर्ति विनय सराफ की विशेष युगलपीठ के समक्ष सरकार की आरक्षण नीति और ओबीसी पहचान प्रक्रिया पर सवाल उठाए। वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर ने दलील दी कि 50% आरक्षण सीमा टूटने के लिए ओबीसी आरक्षण को दोषी नहीं ठहराया जा सकता, क्योंकि EWS आरक्षण पहले लागू हुआ। उन्होंने 51% ओबीसी आबादी का हवाला दिया और आठ लाख रुपये आय वाले ओबीसी तथा सामान्य वर्ग के व्यक्तियों के लिए दोहरे मापदंड पर प्रश्न उठाए। महाजन आयोग की रिपोर्ट का भी उल्लेख किया गया। सुनवाई मंगलवार को जारी रहेगी।