जबलपुर में माइक्रोस्कोपिक, एंडोस्कोपिक और लेजर तकनीकों के उपयोग से कान की जटिल सर्जरी अब अधिक सटीक और सुरक्षित हो गई है। ईएनटी विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. कविता सचदेवा के नेतृत्व में आयोजित एक एडवांस्ड कैडेवरिक वर्कशॉप में बेंगलुरु के विशेषज्ञों डॉ. विजयेंद्र और डॉ. विनय ने 40 पीजी छात्रों और 12 ईएनटी सर्जनों को प्रशिक्षण दिया। आठ घंटे से अधिक चले सत्रों में आठ में से छह मरीजों की सफल सर्जरी की गई। विशेषज्ञों ने ईयरफोन के अत्यधिक उपयोग से बचने की भी सलाह दी, जो श्रवण क्षमता को प्रभावित कर सकता है।
मुरार जिला अस्पताल के अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर का एसी पिछले छह दिनों से खराब है, जिससे स्वास्थ्य सुविधाओं में बाधा आ रही है। आउटडोर मोटर जलने के कारण पूरा सिस्टम ठप है, और इस खराबी को अभी तक ठीक नहीं किया जा सका है। डॉक्टरों को पसीने में सर्जरी करनी पड़ रही है, जिससे मरीजों में संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। आर्थोपेडिक सर्जरी सबसे अधिक प्रभावित हुई हैं, जिससे ऑपरेशन की वेटिंग बढ़ गई है और मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सिविल सर्जन ने इस मामले में अनभिज्ञता जताई है।
जबलपुर के नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज में रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत का मार्ग प्रशस्त हो गया है। लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग ने कॉलेज के प्रस्ताव को सैद्धांतिक सहमति दी है, जिसका उद्देश्य सरकारी चिकित्सा में सटीक और सुरक्षित सर्जरी प्रदान करना है। पहले चरण में यह सुविधा स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट (एससीआई) में शुरू होगी। हालांकि, कॉलेज की 2 करोड़ रुपये की ई-म्यूजियम परियोजना को अभी विभागीय मंजूरी का इंतजार है। रोबोटिक सर्जरी एक आधुनिक तकनीक है जिसमें प्रशिक्षित सर्जन रोबोटिक भुजाओं को नियंत्रित कर जटिल ऑपरेशन करते हैं, जिससे रिकवरी तेज होती है।