ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर से श्रावण मास में सोमवार को भगवान महाकाल की दूसरी सवारी निकाली गई। अवंतिकानाथ चंद्रमौलेश्वर और मनमहेश रूप में नगर भ्रमण पर निकले। इस बार बीमार श्यामू हाथी के स्थान पर मादा हाथी सुमा ने पहली बार सवारी में भाग लिया, जिससे 46 साल से चली आ रही रामू-श्यामू हाथी परिवार की सेवा समाप्त हो गई। कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने पूजन कर सवारी को रवाना किया। सवारी परंपरागत मार्गों से शिप्रा तट पहुंची, जहां जलाभिषेक हुआ। 5 किलोमीटर लंबे सवारी मार्ग पर 4 घंटे तक भक्ति का उल्लास छाया रहा, जिसमें 15 से अधिक दल और 1200 जवान शामिल थे।
भगवान महाकाल की 10 अगस्त को निकलने वाली श्रावण मास की दूसरी सवारी में श्यामू हाथी अपनी सेवा का एक दशक पूरा करेगा। श्यामू 2016 में पहली बार शामिल हुआ था। सवारी वाले दिन वह सुबह से उपवास रखेगा, मंदिर रवाना होने से पहले फलाहार करेगा, जिसमें ककड़ी, तरबूज, केले और पपीता शामिल हैं। महाकाल मंदिर पहुंचने पर उसकी पीठ पर चांदी का हौदा सजाया जाएगा। श्यामू के मालिक श्रवण गिरी महाराज ने बताया कि कुछ लोगों ने उसे शहर से बाहर भेजने का षड्यंत्र किया था, लेकिन उसे सेवा का अवसर फिर मिला।
श्रावण के पहले सोमवार को उज्जैन में बाबा महाकाल और ओंकारेश्वर में भगवान ओंकारेश्वर-ममलेश्वर की भव्य सवारी निकलेगी। लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है, जिसके लिए प्रशासन ने सुरक्षा, यातायात और अन्य व्यापक इंतजाम किए हैं। महाकाल की सवारी की थीम ‘वैदिक उद्घोष’ होगी, जिसमें वैदिक मंत्रोच्चार गूंजेंगे। वहीं, ओंकारेश्वर में नर्मदा नदी में दिव्य नौका विहार आकर्षण का केंद्र रहेगा। दोनों तीर्थ स्थल धार्मिक अनुष्ठानों और आयोजनों से शिवमय वातावरण में डूबे रहेंगे।
श्रावण-भादौ माह की पहली महाकालेश्वर सवारी 3 अगस्त को निकाली जाएगी। इस बार श्रावण में चार और भादौ में दो सवारियां होंगी। पहली सवारी की थीम वैदिक उद्बोधन है, जिसमें शिप्रा तट पर 1100 वैदिक बटुक मंत्रोच्चार करेंगे। मंदिर प्रबंध समिति अध्यक्ष रोशन कुमार सिंह ने बताया कि सभी तैयारियां अंतिम चरण में हैं। शाम 4 बजे महाकाल मंदिर के सभामंडप से सवारी परंपरागत मार्ग से निकलेगी। सुरक्षा के लिए 1200 पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे।
उज्जैन में श्रावण के पहले सोमवार पर बाबा महाकाल की पहली सवारी आज शाम 4 बजे श्री महाकालेश्वर मंदिर से निकलेगी। भगवान चंद्रमौलेश्वर रजत पालकी में नगर भ्रमण करेंगे, जिसका विषय ‘वैदिक उद्घोष’ रखा गया है। रामघाट पर मां शिप्रा के तट पर भगवान का अभिषेक, पूजन और आरती होगी, जहां 1100 वैदिक बटुक मंत्रोच्चार करेंगे। मंदिर समिति अध्यक्ष कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने सवारी मार्ग और व्यवस्थाओं की जानकारी दी। श्रावण और भाद्रपद मास की सभी छह सवारियां विभिन्न आकर्षक थीमों पर आधारित होंगी।
श्रावण मास के पहले सोमवार को उज्जैन में भगवान महाकाल की पहली सवारी निकलेगी। अवंतिकानाथ भगवान महाकाल मनमहेश स्वरूप में रजत पालकी में विराजित होकर नगर भ्रमण पर निकलेंगे। यह सवारी शाम 4 बजे महाकाल मंदिर से परंपरागत राजवैभव के साथ रवाना होगी। लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए उमड़ेंगे, और शहर “हर-हर महादेव” के जयघोष से गूंज उठेगा। कलेक्टर रोशन कुमार सिंह पालकी को विदा करेंगे, और सशस्त्र बल गार्ड ऑफ ऑनर देंगे। सुरक्षा के लिए 1200 पुलिसकर्मी, 500 से अधिक स्वयंसेवक, 5 ड्रोन और सीसीटीवी कैमरे तैनात रहेंगे।
उज्जैन पुलिस ने श्रावण मास में महाकाल मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए विस्तृत यातायात एवं डायवर्जन प्लान जारी किया है। भारी भीड़, सोमवार सवारी और कावड़ यात्राओं को देखते हुए विशेष व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। इसमें चार पहिया और दो पहिया वाहनों के लिए निर्धारित पार्किंग स्थल, कालभैरव मंदिर जाने के वैकल्पिक मार्ग और सोमवार की सवारी के दौरान होने वाले डायवर्जन की जानकारी शामिल है। पुलिस ने श्रद्धालुओं से प्रतिबंधित मार्गों पर वाहन नहीं ले जाने की अपील की है।
महाकालेश्वर की श्रावण-भादौ माह की सवारियां 3 अगस्त से शुरू होंगी। पहली पांच सवारियां चार किलोमीटर और राजसी सवारी सात किलोमीटर मार्ग पर निकलेगी। भास्कर रिपोर्टर द्वारा किए गए जायजे में सवारी मार्ग पर कई बाधाएं पाई गईं, जिनमें बिल्डिंग मटेरियल का फैलाव, पैवर का अधूरा काम, ओवरफ्लो होती नालियां और सड़क पर बहता गंदा पानी शामिल है। कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने आश्वासन दिया है कि सवारी शुरू होने से पहले मार्ग की सभी रुकावटें दूर कर निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा। अगस्त में पांच और सितंबर में एक राजसी सवारी निकलेगी।
श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति ने हथिनी श्यामू को 10 अगस्त को निकलने वाली भगवान महाकालेश्वर की दूसरी सवारी में शामिल होने की अनुमति दे दी है। समिति ने हथिनी मालिक सरमन गिरि को पत्र भेजकर दोपहर 2 बजे से पहले हाथी उपलब्ध कराने और नियमानुसार भुगतान करने को कहा है। हथिनी श्यामू 2016 से लगातार सवारी में शामिल हो रही है। वन विभाग ने अन्य चार हाथियों के नाम भी सुझाए थे और डीएफओ अनुराग तिवारी के अनुसार, एक डॉक्टर टीम श्यामू के स्वास्थ्य की निगरानी कर रही है। सवारी के दौरान विशेषज्ञों का दल भी साथ रहता है।
उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में श्रावण-भाद्रपद मास के दौरान प्रतिदिन दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। इसे देखते हुए 30 जुलाई से 7 सितंबर तक मंदिर की दर्शन व्यवस्था, समय-सारिणी, सुरक्षा, यातायात और प्रवेश व्यवस्था में विशेष बदलाव किए गए हैं। मंदिर के पट रविवार को रात 2:30 बजे और अन्य दिनों में रात 3:00 बजे खुलेंगे। विभिन्न श्रेणियों के दर्शनार्थियों के लिए अलग-अलग प्रवेश मार्ग निर्धारित किए गए हैं। इस दौरान भगवान महाकाल की छह पारंपरिक सवारियां भी निकलेंगी, और प्रत्येक शनिवार को अखिल भारतीय श्रावण महोत्सव का आयोजन होगा।