मध्यप्रदेश सहकारिता विभाग की विभागीय पदोन्नति परीक्षा में गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। कर्मचारी संघर्ष मोर्चा ने प्रमुख सचिव को शिकायत करते हुए प्रश्नपत्र लीक होने, गोपनीय प्रक्रिया में गड़बड़ी और नियम विरुद्ध पदोन्नति दिलाने का आरोप लगाया है। मोर्चा ने स्वतंत्र जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। आरोपों के अनुसार, 100 से अधिक बाबुओं को सहकारिता निरीक्षक पद पर पदोन्नत किया गया, जिसका प्रश्नपत्र आठवीं से दसवीं कक्षा के स्तर का था और परीक्षा से पहले ही परीक्षार्थियों तक पहुँच गया था, जिससे अधिकांश ने 99 अंक प्राप्त किए।
मानसून सत्र के पहले दिन सदन में खाद-बीज की उपलब्धता और कम बारिश पर लंबी चर्चा हुई। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि किसानों को खाद नहीं मिल रही, बल्कि सिर्फ ओटीपी मिल रहा है, और उन्होंने पंचायत स्तर पर वितरण तथा संयुक्त समिति बनाने का सुझाव दिया। कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना ने इन आरोपों को तथ्यहीन बताते हुए प्रदेश में खाद-बीज की कोई कमी न होने का दावा किया। सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग ने 5.48 लाख मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध होने की पुष्टि की और खाद वितरण को पारदर्शी बनाने के लिए ई-विकास पोर्टल लागू करने की जानकारी दी।