इंदौर में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के उद्देश्य से 2022 में शुरू हुई सांदीपनि (सीएम राइज) स्कूल योजना के तहत 10 भवनों का निर्माण पूरा हो चुका है। हालांकि, इनमें से केवल तीन भवनों में ही कक्षाएं संचालित हो रही हैं, जबकि अन्य तैयार भवनों जैसे नंदानगर, पाल कांकरिया और शिवनगर में कक्षाएं शुरू नहीं हो पाई हैं। मुसाखेड़ी में भूमि आवंटन न होने से काम शुरू नहीं हुआ, वहीं एमओजी लाइन पर निर्माण आधा रुक गया है। शिक्षा विभाग के सिस्टम की विफलता के कारण फर्नीचर व अन्य सुविधाओं का अभाव है, जिससे विद्यार्थियों को आधुनिक सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा।
जबलपुर में सांदीपनि स्कूलों में पदस्थ शिक्षकों को विकासखंड अकादमिक समन्वयक (बीएसी) और जनशिक्षक पदों के लिए अपात्र घोषित किया गया है। यह निर्णय शिक्षा विभाग, भोपाल से मिले निर्देशों के बाद जिला स्तर पर लिया गया। पहली काउंसलिंग में शामिल होने पहुंचे सांदीपनि शिक्षकों को भोपाल स्थित शिक्षा विभाग ने स्पष्ट रूप से मना कर दिया था। जिला परियोजना समन्वयक योगेश शर्मा ने बताया कि सांदीपनि शिक्षकों की नियुक्ति विशेष परीक्षा प्रक्रिया से होती है, जिससे वे इन पदों के लिए अपात्र हैं।
मध्य प्रदेश सरकार सांदीपनि स्कूलों को नवोदय विद्यालयों की तर्ज पर विकसित करने की योजना बना रही है। इसके तहत चुनिंदा सांदीपनि स्कूलों में छात्रों के लिए हॉस्टल बनाए जाएंगे, ताकि दूरदराज और ग्रामीण इलाकों के बच्चों को स्कूल के पास रहकर बेहतर शिक्षा मिल सके। स्कूल शिक्षा विभाग ने हॉस्टल निर्माण की तैयारी शुरू कर दी है। यह कदम जनजातीय कार्य विभाग के सफल मॉडल से प्रेरित है। इन हॉस्टलों में सुरक्षित आवास, पौष्टिक भोजन और अन्य बुनियादी सुविधाएं मिलेंगी, जिससे छात्रों की उपस्थिति और पढ़ाई की गुणवत्ता में सुधार होगा।