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भोपाल में ब्रिक्स संस्कृति मंत्रियों की बैठक आज, घोषणापत्र होगा जारी

भोपाल में शनिवार को ब्रिक्स देशों के संस्कृति मंत्रियों की बैठक आयोजित की गई। इस दौरान मंत्री सांस्कृतिक विरासत, संग्रहालय, रचनात्मक अर्थव्यवस्था और आपसी सहयोग को मजबूत करने पर मंथन करेंगे। बैठक ‘ब्रिक्स संस्कृति मंत्रियों की घोषणा’ को अपनाने के साथ समाप्त होगी, जो भविष्य का रोडमैप निर्धारित करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंत्रियों को दोपहर का भोजन देंगे। बैठक के बाद प्रतिनिधि यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल सांची और वैकल्पिक रूप से भीमबेटका का भ्रमण करेंगे। मेहमानों के लिए स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय व्यंजनों का विशेष मेन्यू तैयार किया गया है।

भोपाल में ब्रिक्स सांस्कृतिक कार्य समूह और मंत्रियों का सम्मेलन, वाग्देवी प्रतिमा वापसी पर मुख्य फोकस

भोपाल में ब्रिक्स देशों के सांस्कृतिक कार्य समूह और संस्कृति मंत्रियों का सम्मेलन बुधवार से शुरू होगा। इस सम्मेलन का मुख्य फोकस यूनेस्को विश्व धरोहर के लिए संयुक्त नामांकन और चोरी हुई सांस्कृतिक धरोहरों, विशेषकर लंदन के ब्रिटिश म्यूजियम में रखी वाग्देवी प्रतिमा की वापसी पर है। केंद्रीय संस्कृति सचिव विवेक अग्रवाल ने बताया कि भारत सरकार वाग्देवी प्रतिमा को वापस लाने का प्रयास कर रही है और 2014 के बाद से 650 धरोहरें वापस लाई जा चुकी हैं। सम्मेलन में सांस्कृतिक आदान-प्रदान और धरोहर सुरक्षा पर भी चर्चा होगी।

संसदीय समिति: बांग्लादेश से अवैध घुसपैठ अब भी गंभीर चिंता, संयुक्त तंत्र बनाने की सिफारिश

संसद की विदेश मामलों की स्थायी समिति ने बांग्लादेश से भारत में अवैध घुसपैठ को गंभीर चिंता का विषय बताया है। समिति ने संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों की राष्ट्रीयता पुष्टि और प्रत्यावर्तन पर नियमित निगरानी के लिए भारत-बांग्लादेश के बीच एक संयुक्त कार्य समूह बनाने की सिफारिश की। वर्तमान में 2,369 मामलों का सत्यापन लंबित है। समिति ने चीनी सामान की घुसपैठ, मानवीय व्यवहार, वीजा सामान्यीकरण और सीमा सुरक्षा पर भी महत्वपूर्ण सुझाव दिए। रिपोर्ट में कहा गया है कि 864 किलोमीटर भारत-बांग्लादेश सीमा अभी भी बिना बाड़ के है, जिसका मुख्य कारण कठिन भौगोलिक परिस्थितियाँ हैं।

जापानी प्रतिनिधिमंडल ने ओडिशा के साथ दीर्घकालिक सहयोग पर चर्चा की

जापान के टोट्टोरी प्रांत के मुख्य सचिव तोशिकी एंडो के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने ओडिशा का दौरा किया। इस दौरान कौशल विकास, पर्यटन, निवेश, नवाचार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे क्षेत्रों में दीर्घकालिक सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की गई। दो दिवसीय दौरे में प्रस्तावित ओडिशा-टोट्टोरी मैत्री समझौते पर भी विचार-विमर्श हुआ, जिसका उद्देश्य दोनों सरकारों के बीच सहयोग को औपचारिक बनाना है। मुख्य सचिव अनु गर्ग ने जापानी कंपनियों को ओडिशा के औद्योगिक, आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, हरित ऊर्जा, पर्यटन और एमएसएमई क्षेत्रों में निवेश के लिए आमंत्रित किया।