सांची में भगवान बुद्ध के प्रमुख शिष्यों, सारिपुत्र और महामोग्गलान के पवित्र अस्थि कलशों के वर्षभर दर्शन कराने की तैयारी हो रही है। केंद्र सरकार के निर्देश पर राज्य सरकार ने महाबोधि सोसाइटी आफ श्रीलंका एंड सांची और रायसेन जिला प्रशासन को इस संबंध में प्रस्ताव दिया है। वर्तमान में इन अस्थि कलशों के दर्शन वर्ष में केवल दो दिन होते हैं। महाबोधि सोसाइटी ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जताई है, जबकि जिला प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। ये अस्थि कलश 1952 से सांची के चेतियागिरी बौद्ध विहार में रखे हैं।
धार की ऐतिहासिक भोजशाला में साध्वी ऋतंभरा ने मां वाग्देवी की आरती की और सभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भोजशाला का संघर्ष सत्य की विजय है और इसने कृष्ण जन्मभूमि का मार्ग प्रशस्त किया है। साध्वी ऋतंभरा ने मां वाग्देवी के जल्द धार में विराजमान होने की बात कही और समाज से एकजुटता का आह्वान किया। उन्होंने यह भी बताया कि मालवा की भूमि धर्म के प्रति आग्रह रखने वाली है। इस बीच, धार भोजशाला को राष्ट्रीय सम्मान देने और स्मारक डाक टिकट जारी करने के प्रस्ताव को केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है।
उज्जैन को भगवान श्रीकृष्ण की वैश्विक आध्यात्मिक राजधानी के रूप में विकसित करने की योजना है। इसके तहत उज्जैन विकास प्राधिकरण इंदौर रोड पर शिप्रा नदी के तट पर 151 फीट ऊंची भगवान श्रीकृष्ण की ‘विश्वरूप’ स्वरूप मूर्ति स्थापित करेगा। इस पर थ्रीडी प्रोजेक्शन शो भी आयोजित होगा, जिसके लिए 220 करोड़ रुपये का टेंडर जारी हुआ है। यह परियोजना धार्मिक, सांस्कृतिक और नाइट टूरिज्म को नया आयाम देगी, साथ ही महाकाल लोक और सांदीपनि आश्रम को जोड़कर एक धार्मिक-पर्यटन सर्किट का हिस्सा बनेगी। इसका डिजाइन प्रसिद्ध आर्किटेक्ट डॉ. अनिल राम सुतार तैयार कर रहे हैं।
मध्य प्रदेश के धार जिले स्थित भोजशाला की मां वाग्देवी (सरस्वती) की प्रतिमा को लंदन से वापस लाने के लिए केंद्र सरकार राजनयिक स्तर पर प्रयास कर रही है। केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय के सचिव विवेक अग्रवाल ने मंगलवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश संस्कृति सचिव के पत्र के बाद से लगातार प्रयास जारी हैं। लंदन में भी यह स्वीकार किया गया है कि प्रतिमा धार से लाई गई थी, और इसकी पहचान पर कोई विवाद नहीं है। इसकी वापसी भारत-ब्रिटेन के राजनयिक प्रयासों पर निर्भर है।
केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री ठाकुर की मांग पर केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य एम सिंधिया ने धार स्थित भोजशाला पर स्मारक डाक टिकट जारी करने संबंधी प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है। ठाकुर ने 1 जून को सिंधिया को पत्र लिखकर इस ऐतिहासिक स्थल के महत्व पर डाक टिकट जारी करने का आग्रह किया था, जिसे संचार मंत्रालय ने राष्ट्रीय महत्व को देखते हुए स्वीकार किया। औपचारिक जानकारी 29 जुलाई को मिली। ठाकुर ने इसे भारत की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत का अमूल्य प्रतीक बताया, जिससे देश-विदेश में भोजशाला की पहचान सशक्त होगी और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
पद्म विभूषण तीजनबाई की अद्वितीय कलात्मक विरासत को अब मध्य प्रदेश जनजातीय संग्रहालय में स्थायी रूप से संरक्षित किया जाएगा। संस्कृति विभाग ने उनके जीवन, कला और उपलब्धियों से जुड़ी दुर्लभ स्मृतियों को सहेजने की प्रक्रिया तेज कर दी है। मध्य प्रदेश जनजातीय लोक कला एवं बोली विकास अकादमी उनके देश-विदेश में हुए प्रदर्शनों के आडियो-वीडियो, दुर्लभ तस्वीरें और निजी वस्तुओं का विशेष संग्रह तैयार कर रही है। पंडवानी गायन को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने वाली तीजनबाई ने पारंपरिक शैली को नया आयाम दिया था। भोपाल से उनका गहरा रिश्ता रहा, जहां उन्होंने 1983 में पहली और 2023 में अंतिम प्रस्तुति दी थी।
भोपाल के ऐतिहासिक गौहर महल की जर्जर स्थिति पर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) और मैनिट की रिपोर्ट ने तत्काल वैज्ञानिक संरक्षण की आवश्यकता बताई है, साथ ही गंभीर दुर्घटना की चेतावनी भी दी है। इसके बावजूद महल में मेले, प्रदर्शनियां, सांस्कृतिक आयोजन और फिल्मों की शूटिंग लगातार जारी है। जून में ‘नई नवेली’ की शूटिंग के बाद 20 जुलाई से ‘कॉमन मैन’ की शूटिंग चल रही है, जिससे निगम को 19 दिनों में लगभग 22.42 लाख रुपये की आय होगी। राज्यमंत्री दिलीप जायसवाल ने 31 जुलाई को निरीक्षण के बाद संरक्षण और आयोजनों पर निर्णय लेने की बात कही है।
केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने नई दिल्ली में केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से शिष्टाचार भेंट की। इस मुलाकात के दौरान, सांसद ठाकुर ने विभिन्न समसामयिक, जनहित और सांस्कृतिक मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने विशेष रूप से अपने संसदीय क्षेत्र धार की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक धरोहरों के संरक्षण तथा उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर उचित पहचान दिलाने से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों को मंत्री सिंधिया के समक्ष प्रस्तुत किया। यह भेंट धार क्षेत्र की समृद्ध विरासत को बढ़ावा देने के प्रयासों पर केंद्रित रही।